धरोहर संरक्षण को लेकर श्रद्धालुओं की बैठक, चरणबद्ध अभियान चलाने का लिया निर्णय
मुलताई। नारद टेकड़ी के बेचे जाने संबंधी चर्चाओं के बाद माँ ताप्ती से जुड़े श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों में भारी रोष व्याप्त है। इसी विषय को लेकर बीती रात राम मंदिर, मुलताई में श्री नारद टेकड़ी संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि नारद टेकड़ी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चरणबद्ध तरीके से व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि माँ ताप्ती के पावन उद्गम क्षेत्र से जुड़ी श्री नारद टेकड़ी केवल एक भौगोलिक स्थल नहीं है,
बल्कि यह धार्मिक आस्था, पौराणिक मान्यताओं, ऐतिहासिक विरासत एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे पवित्र और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थल की उपेक्षा या उसके अस्तित्व पर किसी भी प्रकार का संकट पूरे क्षेत्र की आस्था से जुड़ा विषय है। समिति के सदस्यों ने कहा कि नारद टेकड़ी की गौरवपूर्ण पहचान को संरक्षित रखने तथा इसके ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से श्री नारद टेकड़ी संरक्षण समिति के तत्वावधान में माँ ताप्ती के श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों द्वारा व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किया जाएगा।

धरोहर संरक्षण के साथ जनजागरण पर रहेगा फोकस,
बैठक में बताया गया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य नारद टेकड़ी के धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना, इसके प्राकृतिक स्वरूप की रक्षा करना तथा इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है। अभियान के अंतर्गत धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, युवाओं एवं विभिन्न समाजों को जोड़कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्री नारद टेकड़ी की गरिमा, पवित्रता एवं ऐतिहासिक महत्व को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। साथ ही माँ ताप्ती नदी को देश की प्रमुख 10 पवित्र नदियों में शामिल कराने एवं राष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान को और अधिक स्थापित करने के लिए भी संगठित प्रयास किए जाएंगे।

वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक स्थल के संरक्षण का अभियान नहीं है, बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति, इतिहास और विरासत की रक्षा का संकल्प है। समाज के सभी वर्गों को इस अभियान से जोड़कर धरोहर संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल की जाएगी। बैठक में महेश पाठक, लोकेश रवि यादव, उपेंद्र पाठक, गणेश साहू, सुकांत बनर्जी, राजू पाटनकर, कपिल खंडेलवाल, सौरभ जोशी, सुनील महाराज, नवनीत चंदेल, अजय शिवहरे, मनीष माथनकर, प्रशांत भार्गव, राघवेंद्र रघुवंशी, साकेत पुरी, चिंटू खन्ना, हरीश जैन, विजय शुक्ला, तपन खंडेलवाल, सुखदेव सोनी सहित अनेक श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे।



