डहरगांव स्थित हॉर्टफूट आईजी बेरीज प्राइवेट लिमिटेड में मचा हड़कंप, फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा, आग लगने के कारणों की जांच जारी
मुलताई। मुलताई क्षेत्र के ग्राम डहरगांव स्थित हॉर्टफूट आईजी बेरीज प्राइवेट लिमिटेड (ब्लूबेरी कंपनी) परिसर में रविवार सुबह लगभग 9:20 बजे अचानक आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। आग कंपनी परिसर में खुले मैदान में लंबे समय से जमा पौधों के वेस्ट मटेरियल में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग से उठता घना धुआं और लपटें काफी दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही मुलताई नगर पालिका की फायर ब्रिगेड तत्काल मौके पर पहुंची और आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास शुरू किए। फायर ड्राइवर धनराज पवार तथा फायरमैन गिरीश पिपले एवं सुमित पुरी ने लगातार मशक्कत करते हुए आग बुझाने का कार्य किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण दमकल कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के प्रयास जारी थे।

लंबे समय से जमा था वेस्ट मटेरियल
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर आग लगी, वहां पौधों एवं कृषि कार्य से संबंधित बड़ी मात्रा में वेस्ट मटेरियल लंबे समय से खुले में जमा किया गया था। गर्मी और सूखे मौसम के कारण यह सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील स्थिति में पहुंच गई थी, जिससे आग तेजी से फैल गई। आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल देखा गया।

आग लगने के कारणों का नहीं चला पता
आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट, अत्यधिक गर्मी अथवा अन्य किसी कारण की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि आग कैसे भड़की, इसका स्पष्ट खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। संबंधित विभाग द्वारा आग लगने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

वेस्ट मटेरियल के सुरक्षित निस्तारण पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कंपनी परिसर में बड़ी मात्रा में जमा वेस्ट मटेरियल के सुरक्षित प्रबंधन और निस्तारण को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के जैविक एवं कृषि अवशेषों का नियमानुसार और सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया जाना चाहिए था। खुले में लंबे समय तक बड़ी मात्रा में सामग्री जमा रहने से आग जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है।

पूर्व में भी विवादों में रह चुकी है कंपनी
उल्लेखनीय है कि संबंधित कंपनी पूर्व में भी विभिन्न कारणों को लेकर चर्चा और विवादों में रही है। ताजा आगजनी की घटना के बाद एक बार फिर कंपनी परिसर में सुरक्षा मानकों एवं अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है तथा आग लगने के कारणों एवं संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है।


