ताप्ती सरोवर किनारे खतरे की घंटी: जर्जर नींव के सहारे खड़ी 17 दुकानें, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा,

0

मुलताई। नगर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले ताप्ती सरोवर के किनारे निर्मित 17 दुकानों की स्थिति इन दिनों चिंता का विषय बनी हुई है। सरोवर का जलस्तर कम होने के साथ ही दुकानों की नींव की वास्तविक स्थिति सामने आने लगी है। सरोवर की ओर बनी नींव के पत्थर कई स्थानों पर जर्जर होकर खिसकते दिखाई दे रहे हैं, जिससे दुकानों की मजबूती और सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

गर्मी के मौसम में पानी कम होने के कारण नींव का बड़ा हिस्सा दिखाई देने लगा है। निरीक्षण करने पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दुकानों को सहारा देने वाली संरचना कई जगह कमजोर पड़ चुकी है। नींव के पत्थरों के बीच दरारें और खाली स्थान बनने लगे हैं, जिससे भविष्य में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

ताप्ती सरोवर क्षेत्र नगर का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर होती दुकानों की स्थिति न केवल दुकानदारों बल्कि वहां आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जनहानि भी हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि नगर पालिका द्वारा पूर्व में इन दुकानों को क्षतिग्रस्त एवं असुरक्षित मानते हुए उन्हें हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। प्रशासन का मानना था कि दुकानों की संरचना कमजोर हो चुकी है और भविष्य में दुर्घटना का कारण बन सकती है। हालांकि इस निर्णय के विरोध में प्रभावित दुकानदार न्यायालय पहुंचे थे।

दुकानदारों द्वारा न्यायालय में याचिका दायर किए जाने के बाद न्यायालय ने दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई पर स्थगन आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद नगर पालिका की कार्रवाई रोक दी गई। वर्तमान में दुकानों के भविष्य को लेकर पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके चलते प्रशासन भी किसी ठोस कार्रवाई की स्थिति में नहीं है।

नींव की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा संरचना की जांच कराने और आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि न्यायालयीन प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संभावित खतरे को टालने के लिए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है। फिलहाल ताप्ती सरोवर किनारे खड़ी ये 17 दुकानें जर्जर नींव के सहारे समय के साथ संघर्ष करती नजर आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन, नगर पालिका और संबंधित विभागों के सामने सबसे बड़ी चुनौती किसी भी संभावित हादसे को समय रहते रोकने की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here