मुलताई। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद में उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद पूर्व अध्यक्ष नीतू परमार को पुनः पदभार सौंपने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रशासनिक प्रक्रिया में हुई त्रुटियों और नियमों के पालन में कमी के कारण पूर्व में लिया गया निर्णय उचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर न्यायालय ने यथास्थिति बहाल करने का आदेश दिया।
क्या है पूरा मामला
मुलताई नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। इस मामले में पद से हटाने और पुनः नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर लगातार घटनाक्रम सामने आए। अंततः मामला न्यायालय पहुंचा, जहां सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला दिया गया।

न्यायालय की टिप्पणी
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी निर्वाचित पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करते समय विधिक प्रक्रिया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। बिना उचित प्रक्रिया के लिए गए निर्णयों को न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। राजनीतिक और प्रशासनिक असर इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वहीं प्रशासन को न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका के कामकाज पर भी इस निर्णय का प्रभाव देखने को मिल सकता है।


