हरदौली जल आवर्धन योजना की प्रयोगशाला बंद, नगर में पहुंच रहा गंदा पानी

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मुलताई। पवित्र नगरी मुलताई की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई हरदौली जल आवर्धन योजना आज नगरवासियों के लिए वरदान साबित नहीं हो पा रही है। योजना का एक बड़ा हिस्सा जहां आधा-अधूरा पड़ा है, वहीं जो संरचनाएं बनी हैं वे भी उचित रखरखाव के अभाव में जर्जर होती जा रही हैं। नगर में एक बार फिर हरदौली जल आवर्धन योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल के स्थान पर गंदा पानी आपूर्ति किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थिति यह है कि लैब टेक्नीशियन के अभाव में फिल्टर प्लांट की प्रयोगशाला बंद पड़ी है, जबकि पानी से निकलने वाले वेस्ट मटेरियल को हटाने वाली ब्रिज रोटर मशीन भी बंद बताई जा रही है। ऐसे में नगरवासियों को शुद्ध पेयजल कैसे मिलेगा, इसको लेकर लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विवेकानंद वार्ड की पार्षद अंजलि सुमित शिवहरे ने हरदौली डेम स्थित फिल्टर प्लांट पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पार्षद अंजलि शिवहरे ने बताया कि फिल्टर प्लांट पर मौजूद नगरपालिका कर्मचारी ने जानकारी दी कि पानी का वेस्ट मटेरियल निकालने वाली ब्रिज रोटर मशीन बंद है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए जलप्रदाय प्रभारी योगेश अनेराव से चर्चा की और मशीन को शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए। प्रभारी द्वारा मशीन जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया गया।

पार्षद अंजलि शिवहरे ने कहा कि कुछ माह पूर्व नगर में दूषित पानी के कारण बीमारियों का प्रकोप फैल चुका है, ऐसे में नगरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना नगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में फिर से गंदा पानी मिलने की शिकायतें आ रही थीं, इसी कारण फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया गया।
पानी जांच की प्रयोगशाला भी बंद निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि फिल्टर प्लांट में पानी की शुद्धता जांच के लिए बनी प्रयोगशाला बंद है। जानकारी मिली कि लेब टेक्नीशियन नहीं होने के कारण प्रयोगशाला बंद कर दी गई है। वर्तमान में केवल पानी का टीडीएस और पीएच मान ही प्लांट पर जांचा जा रहा है, जबकि अन्य आवश्यक जांच के लिए पानी के सैंपल महीने में एक बार बैतूल भेजे जा रहे हैं।

महिला पार्षद ने सीएमओ से मांग की है कि पानी की शुद्धता के लिए प्रयोगशाला में प्रतिदिन रंग, स्वाद, टोटल हार्डनेस और बैक्टीरिया की मात्रा जैसी जरूरी जांचें कराई जाएं। उन्होंने शीघ्र लेब टेक्नीशियन की नियुक्ति कर प्रयोगशाला शुरू करने की मांग की, ताकि नगरवासियों को सुरक्षित पेयजल मिल सके।
इनका कहना है
“फिलहाल टीडीएस और पीएच की जांच प्रतिदिन की जा रही है, जिसका रजिस्टर संधारित है। लैब टेस्टिंग पीएचई विभाग के माध्यम से कराई जाती है। ब्रिज रोटर मशीन आज ही खराब हुई है, जिसे आज ही दुरुस्त कराया जा रहा है।”
— योगेश अनेराव, उपयंत्री, नगर पालिका मुलताई

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