मुलताई में गेहूं खरीदी की धीमी रफ्तार: स्लॉट बुकिंग और सुविधाओं के अभाव से किसान परेशान,

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मुलताई ।मुलताई नगर में कृषि साख समिति द्वारा दो स्थानों पर समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी शुरू तो कर दी गई है, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते खरीदी की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि निर्धारित अंतिम तिथि 30 मई तक क्षेत्र के 2 प्रतिशत किसान भी अपना गेहूं समर्थन मूल्य पर बेच पाएंगे, यह कहना मुश्किल लग रहा है।

किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग (Slot Booking) और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए सबसे जरूरी प्रक्रिया स्लॉट बुकिंग है, लेकिन कई किसान सप्ताहभर से सोसाइटी और मोबाइल के माध्यम से प्रयास करने के बावजूद स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं। किसानों की परेशानी: कई दिनों से लगा रहे चक्कर ग्राम सिरसावाड़ी निवासी किसान बाबूराव गीद्द ने बताया कि वे पिछले चार दिनों से लगातार कृषि साख समिति के गेहूं खरीदी केंद्र (कृषि मंडी प्रांगण) के चक्कर लगा रहे हैं, ताकि किसी तरह उनका स्लॉट बुक हो सके और उपज की बिक्री हो पाए। उन्होंने बताया कि न तो समिति के माध्यम से स्लॉट बुकिंग हो पा रही है और न ही मोबाइल से प्रयास सफल हो रहे हैं


ऐसे में एक सप्ताह से अधिक समय केवल स्लॉट बुकिंग के प्रयास में ही निकल गया, लेकिन गेहूं बेचने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। मजबूरी में व्यापारी को बेच रहे किसान किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्रों पर आ रही दिक्कतों के कारण वे मजबूर होकर अपनी उपज समर्थन मूल्य से कम दाम पर व्यापारियों को बेचने को विवश हो रहे हैं। विशेष रूप से 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों के लिए स्थिति और गंभीर बताई जा रही है, क्योंकि उनकी अब तक स्लॉट बुकिंग नहीं हो पाई है, जिससे उनमें भारी असंतोष है।

कृषि साख समिति मुलताई द्वारा नगर में दो स्थानों पर 9 अप्रैल से गेहूं खरीदी की जा रही है। समिति प्रबंधक एम.एल. नरवरे के अनुसार: कृषि उपज मंडी केंद्र पर लगभग 1500 क्विंटल गेहूं खरीदा गया चांदोरा गोदाम केंद्र पर करीब 900 क्विंटल खरीदी हुई इस प्रकार अब तक कुल 2400 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।

उत्पादन अधिक, लेकिन व्यवस्था कमजोर मुलताई क्षेत्र गेहूं और सोयाबीन का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र माना जाता है। यहां: लगभग 100 छोटी-बड़ी सिंचाई परियोजनाएं संचालित हैं जिनमें 95 लघु और 5 मध्यम/बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं इसी कारण क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गेहूं और चने का उत्पादन होता है। मुलताई, चिखली, मासोद, प्रभात पट्टन सहित विभिन्न क्षेत्रों में 10 से अधिक उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन: पोर्टल की समस्या बारदाने की कमी और मूलभूत सुविधाओं का अभाव लगभग सभी केंद्रों की स्थिति एक जैसी बनी हुई है।

इनका कहना:
“किसानों को स्लॉट बुकिंग में समस्या आ रही है, विशेष रूप से 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। इस समस्या का समाधान हमारे स्तर पर संभव नहीं है, लेकिन हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। बारदाना और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समस्या का समाधान हो सके ।”
— एम.एल. नरवरे, प्रबंधक, कृषि साख समिति मुलताई

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