Multai Big Breaking: मिनी स्टेडियम बना असामाजिक तत्वों का अड्डा, खेल मैदान की फेंसिंग तोड़कर गायब हुआ ठेकेदार

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खिलाड़ियों ने की FIR दर्ज करने की मांग

शाम होते ही मिनी स्टेडियम (हाई स्कूल ग्राउंड) में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हो जाता है। ग्राउंड पर जगह-जगह मयखाने का माहौल होता है और शराब पीकर शराबी स्टेडियम में बाटले फोड़ कर चले जाते हैं और जब सुबह खिलाड़ी खेलने को आते हैं तो पहले उन्हें ग्राउंड से टूटी हुई बोतलों के कांच हटाने पड़ते हैं।

सुबह होते ही ग्राउंड पर खेलने वाले, व्यायाम करने वाले और दौड़ने वाले लोगों का जमावड़ा हो जाता है खिलाड़ी छात्राएं, छोटे-छोटे बच्चे यहां घूमने भी आते हैं और ग्राउंड पर पहुंचते ही इनका सामना असामाजिक तत्वों की रात मे फैलाई गंदगी से होता है। प्रतिदिन ग्राउंड पर क्रिकेट की प्रेक्टिस करने जाने वाले खिलाड़ी भुजबल चौरे, योगेश एम्बुलकर, अमनदीप चावला, गणेश साहू ,विकास विश्वकर्मा एवं सीनियर क्रिकेट खिलाड़ी अब्बू खान बताते हैं कि प्रतिदिन खेलने से पहले कांच को हटाना टूटी हुई शराब की बोतलों को ढूंढना इनको जमा करना और फेंकना खिलाड़ियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है एक महीने से प्रतिदिन ग्राउंड पर पहुंचकर एक घंटा शराबियों द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ करने में लगता है। खिलाड़ियों ने कहा कि शासन को चाहिए कि फेंसिंग तोड़ने वाले ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए और असामाजिक तत्वों पर ठोस कार्रवाई करें।

सीएम राइज विद्यालय की भूमि पर जब मिनी स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हुई, तो विद्यालय के आधिपत्य कायम रहने की शर्त पर खेल एवं युवक कल्याण विभाग ने मिनी स्टेडियम के लिए राशि स्वीकृत की और इसके लिए नगर पालिका को निर्माण एजेंसी बनाया गया। और यहीं से प्रारंभ होता है मिनी स्टेडियम के बर्बादी का सिलसिला । 8 साल में लगभग 50 लाख रुपए से अधिक राशि खर्च किए जाने के बावजूद ग्राउंड की स्थिति सुधारने के बजाय और बिगड़ गई।

नगर पालिका तत्कालीन अधिकारी ने सभी नियमों को ताक पर रखकर खिलाड़ियों के लिए बने 12 से अधिक कमरों को मात्र दो हजार रुपए मासिक किराए से सीवर लाइन प्रोजेक्ट के ठेकेदार को दे दीया और ठेकेदार ने मिनी स्टेडियम में मटेरियल जमा करने के लिए लाखों रुपए मूल्य की फेंसिंग को तोड़ देता दीया। होना यह चाहिए था कि खेल एवं कल्याण विभाग इसके प्रमुख पुलिस अधीक्षक होते हैं और जिसकी भूमि एवं खेल मैदान पर आधिपत्य है सीएम राइज विद्यालय ने तत्काल सीवर लाइन ठेकेदार के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करवा कर तोड़ी हुई फेंसिंग का निर्माण कार्य करवाना था किंतु अखबारों में समाचार प्रकाशन के बाद भी कोई सामने नहीं आया सब मौन रहे और नतीजा आज खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।

इनका कहना-मिनी स्टेडियम की तोड़ी गई बाउंड्री वॉल के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद इसकी लिखित शिकायत करेंगे।
संदीप गणेशे, प्राचार्य सीएम राइज विद्यालय मुलताई


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