वर्ष 2025 में देशभर से 159 गुम नाबालिग बालिकाएं सकुशल बरामद

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बैतूल। आदिवासी बहुल बैतूल जिले से हर वर्ष बड़ी संख्या में बालिकाओं के लापता होने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिनमें नाबालिग बालिकाओं की संख्या चिंताजनक रूप से अधिक रहती है। कई मामलों में परिजन शिकायत तो दर्ज कराते हैं, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी बेटियों का कोई सुराग नहीं मिल पाता। बीते दो दशकों से अनेक परिवार आज भी अपनी बेटियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


इसी गंभीर सामाजिक समस्या को चुनौती के रूप में लेते हुए बैतूल पुलिस ने वर्ष 2025 में गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी हेतु विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत बैतूल पुलिस ने देश के विभिन्न राज्यों एवं मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से कुल 159 गुम नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया, जो जिले के लिए एक बड़ी और सराहनीय उपलब्धि मानी जा रही है।

पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन के कुशल मार्गदर्शन में गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं की शीघ्र एवं सुरक्षित बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। अभियान का सतत पर्यवेक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी द्वारा किया गया। साथ ही, समस्त अनुभागों के एसडीओपी के मार्गदर्शन में संबंधित थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ ने लगातार और समर्पित कार्रवाई की।

अन्य राज्यों से भी सकुशल बरामद

  • महाराष्ट्र: नासिक – 01 नागपुर – 02 औरंगाबाद – 01 अमरावती – 01 पुणे – 02

पुलिस अधीक्षक की आम जनता से अपील
पुलिस अधीक्षक बैतूल  वीरेंद्र जैन ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा—“जिले के सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं नागरिकों से आग्रह है कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बच्चों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि, असामान्य व्यवहार या उत्पीड़न की सूचना तुरंत पुलिस को दें। बैतूल पुलिस बच्चों के सुरक्षित भविष्य, महिलाओं की सुरक्षा एवं शांतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए सदैव संवेदनशील, सतर्क और प्रतिबद्ध है।”

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इसके अतिरिक्त गुजरात, दिल्ली, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक एवं राजस्थान जैसे राज्यों से भी गुम नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया गया।
तकनीकी एवं वैज्ञानिक तरीकों का प्रभावी उपयोग,पुलिस टीमों ने मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तथा स्थानीय मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग किया। दस्तयाबी की कार्रवाई के दौरान संबंधित राज्यों की स्थानीय पुलिस का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर परिजनों को सौंपा गया
सभी दस्तयाब नाबालिग बालिकाओं की वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।


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