17 सूत्रीय मांगों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी, कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन
मुलताई। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीला पानी पीने से हुई मौतों और 17 सूत्रीय मांगों को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नगर की सड़कों से नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड पहुंचे, जहां नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन किया गया। इसके पश्चात पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण यादव, कांग्रेस नेता संजय यादव एवं सुमित शिवहरे लोकेश यादव द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान नगर में जुआ-सट्टा बंद किए जाने की मांग को लेकर भी जमकर नारेबाजी की गई।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
ज्ञापन में कहा गया कि इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीला पानी पिलाए जाने से हुई 17 मौतों की जिम्मेदारी भाजपा सरकार एवं नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की है, जिन्हें तत्काल पद से बर्खास्त किया जाए। कांग्रेस शासनकाल में लागू महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को भाजपा सरकार कमजोर कर रही है। वर्तमान में रोजगार मांगने वालों को वर्ष में औसतन 40–50 दिन ही काम मिल पा रहा है। मांग की गई कि प्रत्येक आवेदनकर्ता को 125 दिन का रोजगार दिया जाए और केंद्र सरकार अपने हिस्से की राशि यथावत रखे।
मुलताई नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए हरदौली डेम से जुड़े फिल्टर प्लांट को दुरुस्त रखा जाए तथा नालियों में दबी पुरानी पाइपलाइन बदली जाए, ताकि इंदौर जैसी घटना मुलताई में न हो। वर्तमान में दो दिन में एक बार हो रही जलापूर्ति को प्रतिदिन किया जाए। हाल ही में दूषित पानी से शास्त्री वार्ड सहित अन्य वार्डों में सैकड़ों लोग बीमार पड़े थे।
नगर पालिका द्वारा दुकानों के किराए एवं टैक्स में की गई अत्यधिक वृद्धि को कम करने, खुदाई से क्षतिग्रस्त सड़कों का तत्काल पुनर्निर्माण कराने की मांग की गई।

पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे के प्रयासों से पवित्र नगरी घोषित मुलताई में वर्ष 2008 में विधानसभा प्रश्न के अनुसार 14 विभागों द्वारा प्रस्तावित कार्यों—संस्कृत विद्यालय, संगीत विद्यालय, धर्मशालाओं आदि—का निर्माण शीघ्र पूर्ण किया जाए। मुलताई में अमरावती-जबलपुर, रीवा एक्सप्रेस एवं जी.टी. एक्सप्रेस का स्टॉपेज बढ़ाने तथा कोरोना काल में बंद हुई नागपुर–इटारसी पैसेंजर और दादाधाम एक्सप्रेस को पुनः चालू करने की मांग रखी गई।

मुलताई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में उन्नत करने एवं डॉक्टरों की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की गई। बैतूल में पीपीपी मोड पर संचालित अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाया जाए।क्षेत्र में सोयाबीन उत्पादन अत्यंत कम होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खराब फसल का मुआवजा एवं फसल बीमा राशि शीघ्र प्रदान की जाए। साथ ही मक्का सहित सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए।

किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, नगर में पार्किंग व्यवस्था सुधारने और लगातार लगने वाले जाम से निजात दिलाने की मांग की गई। पवित्र नगरी मुलताई में सट्टा, जुआ एवं अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने, सरकारी कॉलेज में एमएससी व एमकॉम की कक्षाएं शुरू करने तथा खेल मैदानों से अतिक्रमण हटाने की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा सिंचाई हेतु बांधों व नहरों की मरम्मत, अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने तथा क्षेत्र में बिजली गुल की समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई। ट्रांसफार्मर खराब होने पर शीघ्र सुधार एवं पूरे गांव या ट्रांसफार्मर की बिजली काटने की व्यवस्था समाप्त करने की भी मांग की गई।

