3 वर्ष से सूखे पेड़ काटने की अनुमति के लिए भटक रहा वन विभाग,अनुमति बताकर जनपद ने काट फेंके वृक्ष

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वहीं दूसरी ओर जनपद में  दुकान निर्माण के लिए जनपद परिसर में लगे हरे भरे वृक्षों को जेसीबी से उखाड़ फेंका गया। दुकान निर्माण के नाम पर हरेभरे वृक्ष को काटकर उखाड़ फेंका गया। वृक्षों को काटा गया है उनमें करंजी के वृक्ष तीन ,एक अशोक का, एक बढ़ बरगद का एवं बकाओ का वृक्ष शामिल है। जब हमने मामले की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए है।

जनपद कार्यालय  के सामने लगे हरे भरे वृक्षों  को काटने से पूर्व राजस्व निरीक्षक द्वारा पंचनामा बनाया गया था जिसमें करंजी अशोक बरगढ़ आदि के पेड़ों का उल्लेख करते हुए यह कहा गया था कि जनपद दुकानों निर्माण के लिए पेड़ों को काटे जाना है किंतु हरे  पेड़ों को काटे जाने के लिए वन विभाग का अभीमत लिए जाने के उपरांत ही अग्रिम कार्रवाई किया जाना उचित होगा।

हमने जब इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी नितिन पवार से चर्चा की तो उनका कहना था कि हमसे जनपद कार्यालय के सामने लगे हरे वृक्षों को काटने के लिए कोई अभीमत नहीं लिया गया। उल्टा हम 3 वर्षों से वन विभाग परिसर में जो सुखे झाड़ है उसको काटने के लिए नगर पालिका से अनुमति मांग रहे हैं जो  हमें नहीं मिली। वन विभाग परिसर में वन विभाग का स्टाफ और उनके परिवार रहता है यह सुखे पेड़ कभी भी गिर सकते हैं जिससे जन हानि हो सकती है। हमने नगर पालिका को सूखे पेड़ काटने की अनुमति के लिए पत्र लिखा तो उन्होंने हमें जनपद कार्यालय के हरे वृक्षों की फाइल भेज दी हमें आश्चर्य हो रहा है कि हमने वन विभाग के परिसर में लगे वृक्ष काटने की अनुमति मांगी तो उन्होंने जनपद कार्यालय के वृक्षों का विवरण भेज दिया ।

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