मुलताई । देश के ऐतिहासिक किसान आंदोलनों में दर्ज मुलतापी किसान गोलीकांड की स्मृति में आगामी 12 जनवरी 2026 को 28वां शहीद किसान स्मृति सम्मेलन एवं 337वीं किसान पंचायत का आयोजन मुलतापी में किया जाएगा।
सम्मेलन में महात्मा गांधी के प्रपौत्र एवं ‘हम भारत के लोग’ के राष्ट्रीय संयोजक तुषार गांधी तथा बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी.जी. कोलसे पाटिल प्रमुख रूप से शामिल होंगे।उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी वर्ष 1933 में अछूत उद्धार कार्यक्रम के तहत बैतूल आए थे। मुलतापी, प्रभात पट्टन और घोड़ाडोंगरी स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं। आज़ादी के बाद 12 जनवरी 1998 को मुलतापी में हुए ऐतिहासिक किसान आंदोलन पर पुलिस फायरिंग हुई थी, जिसमें 24 किसानों की शहादत हुई और 150 से अधिक किसान घायल हुए थे। इस आंदोलन के बाद 250 किसानों पर 17 वर्षों तक 67 मुकदमे चले। चार प्रकरणों में डॉ. सुनीलम और शेषराव सूर्यवंशी सहित चार आंदोलनकारियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिनमें से प्रहलादस्वरूप अग्रवाल और रामू पंवार का निधन हो चुका है।पिछले 28 वर्षों से हर वर्ष 12 जनवरी को शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है तथा प्रत्येक माह की 12 तारीख को किसान पंचायत आयोजित की जाती है।
देशभर से जुटेंगे किसान नेता और सामाजिक कार्यकर्ता
सम्मेलन में भारतीय किसान यूनियन (परिवर्तनवादी) के संस्थापक चौधरी के.पी. सिंह, हिंद मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय महामंत्री असीम रॉय, वरिष्ठ पर्यावरणविद सौम्य दत्ता, सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज मीठीबोरवाला, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सलीम खान, जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के संयोजक अमूल्य निधि, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव सहित देशभर से अनेक किसान नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संगठन पदाधिकारी शामिल होंगे।

शहीद परिवारों का सम्मान, छात्रों को पुरस्कार
सम्मेलन के दौरान परंपरा के अनुसार शहीद किसानों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही विद्या मेमोरियल ट्रस्ट, ग्वालियर द्वारा स्व. नर्मदा प्रसाद मिश्र, विद्यावती मिश्र एवं अश्विनी त्रिखा की स्मृति में 30 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा।

10-11 जनवरी को किसान प्रशिक्षण शिविर
सम्मेलन से पूर्व 10 एवं 11 जनवरी को आयोजित किसान प्रशिक्षण शिविर में इंडिया क्लाइमेट जस्टिस, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, ग्रीनपीस एनवायरमेंट ट्रस्ट से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर में पर्यावरणविद सौम्य दत्ता, अमूल्य निधि, बिपाशा कौल, कृषि विशेषज्ञ महेश शर्मा तथा उन्नत किसान अमोल गुर्वे प्रशिक्षण देंगे।

