असलम अहमद
मुलताई/ मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील में बीते एक सप्ताह के भीतर दो बार हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। पहली घटना 29 मार्च 2026 को दर्ज की गई, जबकि दूसरी बार 2 अप्रैल की रात लगभग 11:24 बजे लोगों ने हल्की कंपन महसूस की। लगातार दो बार झटके महसूस होने से स्थानीय लोगों में हल्की चिंता का माहौल बना हुआ है।
क्या कहता है वैज्ञानिक डेटा
विशेषज्ञों के अनुसार 29 मार्च को मुलताई के आसपास लगभग 2.7 से 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसकी गहराई करीब 5 किलोमीटर थी। इतनी कम गहराई के कारण हल्का भूकंप भी सतह पर स्पष्ट रूप से महसूस होता है। 2 अप्रैल को महसूस किए गए झटके भी इसी प्रकार के माइक्रो या हल्के भूकंप माने जा रहे हैं, जो क्षेत्र में चल रही सामान्य भूगर्भीय गतिविधियों का हिस्सा हो सकते हैं।
भौगोलिक कारण: क्यों हिलती है मुलताई की जमीन
मुलताई और बैतूल क्षेत्र सतपुड़ा पर्वतमाला में स्थित है, जो प्राचीन भूगर्भीय संरचना का हिस्सा है। यह क्षेत्र नर्मदा–ताप्ती फॉल्ट ज़ोन के अंतर्गत आता है, जहां जमीन के भीतर दरारें (Faults) मौजूद हैं। इन्हीं फॉल्ट लाइनों में समय-समय पर हलचल होने से: छोटे भूकंप की संभावना बनती है। जमीन के अंदर जमा तनाव (Stress) धीरे-धीरे बाहर निकलता है विशेषज्ञ इसे “क्रस्टल एडजस्टमेंट” या प्राकृतिक संतुलन प्रक्रिया बताते हैं।

50 साल का रिकॉर्ड: कितना सुरक्षित है क्षेत्र?
यदि पिछले 50–70 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो: इस क्षेत्र में अब तक कोई बड़ा भूकंप (6.0 से अधिक) दर्ज नहीं हुआ अधिकतम तीव्रता लगभग 4.9 तक रही है ,ज्यादातर भूकंप 2 से 4 तीव्रता के बीच ही आते रहे हैं,इस आधार पर बैतूल–मुलताई क्षेत्र को कम से मध्यम जोखिम (Seismic Zone II–III) में रखा गया है।
क्या यह बड़े भूकंप का संकेत है?
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान स्थिति को देखते हुए: अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि बड़ा भूकंप आने वाला है,बार-बार छोटे झटके आना सामान्य प्रक्रिया है,यह झटके जमीन के अंदर जमा ऊर्जा को धीरे-धीरे रिलीज करते हैं
हालांकि, यदि भविष्य में: झटकों की संख्या तेजी से बढ़े,तीव्रता 4 या उससे अधिक हो,तो स्थिति की गंभीरता बढ़ सकती है और निगरानी जरूरी हो जाती है।

निष्कर्ष
मुलताई में हाल ही में महसूस किए गए झटके सामान्य भूगर्भीय गतिविधि का हिस्सा हो सकते हैं। यह क्षेत्र भले ही पूरी तरह निष्क्रिय नहीं है, लेकिन यहां बड़े और विनाशकारी भूकंप की संभावना फिलहाल बहुत कम मानी जाती है।
नागरिकों के लिए सुझाव,
घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्क रहें,घरों में भारी वस्तुओं को सुरक्षित रखें,भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान की जानकारी रखें,सरकारी एजेंसियों (IMD/Seismology) की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें
(रिपोर्ट: विशेष विश्लेषण, मुलताई भूकंपीय गतिविधि)
यह समाचार मुलताई क्षेत्र में महसूस किए जा रहे बार-बार झटके के चलते सोशल मीडिया साइट,Ai गूगल सर्च आदि से जिले की भौगोलिक स्थिति का किए गए विश्लेषण के आधार पर है। असलम अहमद


