ताप्ती भक्तों ने निजी ट्रस्ट भंग करने की उठाई आवाज, प्रशासन को सौंपा आवेदन
मुलताई ।सूर्य पुत्री माँ ताप्ती जी के संरक्षण, संवर्धन एवं समग्र विकास को लेकर क्षेत्र में एक बार फिर आवाज बुलंद होने लगी है। ताप्ती भक्तों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने वर्तमान निजी मंदिर ट्रस्ट को भंग कर एक नए शासकीय एवं समग्र “ताप्ती ट्रस्ट” के गठन की मांग की है।
ताप्ती जी के संरक्षण एवं विकास से जुड़े भक्तों का कहना है कि वर्तमान ट्रस्ट केवल निजी मंदिर तक सीमित होकर कार्य कर रहा है, जबकि माँ ताप्ती जी का मूल प्राचीन मंदिर, अन्य संबंधित मंदिर, मंदिरों की भूमि, ताप्ती नदी एवं सम्पूर्ण पवित्र क्षेत्र को एक ही ट्रस्ट के अंतर्गत लाना आवश्यक है। इससे क्षेत्र का समग्र और योजनाबद्ध विकास संभव हो सकेगा।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 में राजपत्र के माध्यम से मुलताई को “पवित्र नगरी” घोषित किया गया था। इस घोषणा के अंतर्गत क्षेत्र के धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए थे। हालांकि वर्ष 2026 तक अपेक्षित विकास कार्य पूर्ण नहीं हो पाने से श्रद्धालुओं में असंतोष व्याप्त है।
इसी मुद्दे को लेकर ताप्ती भक्तों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। इस अभियान में गौ क्रांति दल, राष्ट्रीय हिन्दू सेना, अनुसुइया सेवा समिति एवं ताप्ती तट रक्षक समिति के सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान गोलू उघड़े, दिनेश कालभोर, प्रितम सिसोदिया, सचिन विश्वकर्मा, कृष्णा साहू, महेंद्र साहू, शुभम पंडागरे, सोनू खवसे, सोनू पवार, घनश्याम सोनी, चलक सिंह उइके एवं निर्भय सिंह रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में ताप्ती भक्त उपस्थित रहे। भक्तों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही एक नया, पारदर्शी एवं समग्र ताप्ती ट्रस्ट गठित किया जाए, जिससे माँ ताप्ती जी के पवित्र क्षेत्र का संरक्षण, संवर्धन एवं विकास प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जा सके।

