एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अनिवार्य करें निजी स्कूल,निजी स्कूलों की मनमानी पर लगे रोक ग्राहक पंचायत ने सौंपा ज्ञापन,
मुलताई: अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, शाखा मुलताई द्वारा निजी विद्यालयों में मनमाने ढंग से पाठ्यक्रम लागू किए जाने और आरटीई (RTE) के तहत अध्ययनरत बच्चों की समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार को सौंपा गया।ज्ञापन में मांग की गई है कि कक्षा 1 से 8 तक शासन द्वारा अधिकृत NCERT पाठ्यक्रम को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। साथ ही, आरटीई के अंतर्गत नि:शुल्क प्रवेश प्राप्त करने वाले बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
निजी स्कूलों पर मनमानी का आरोप
ग्राहक पंचायत के ललित महतर, कृष्ण धोटे एवं अशोक पवार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि बैतूल जिले के कई निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक अलग-अलग पाठ्यक्रमों से पढ़ाई कराई जा रही है। स्कूल संचालक अपने विवेक से पाठ्यक्रम का चयन कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई निजी स्कूल कमीशन के उद्देश्य से विशेष निजी प्रकाशनों की पुस्तकें निर्धारित दुकानों पर ही उपलब्ध कराते हैं, जिससे अभिभावकों को मजबूरी में महंगी पुस्तकें खरीदनी पड़ती हैं।
NCERT पाठ्यक्रम लागू करने और पारदर्शिता की मांग
ग्राहक पंचायत ने मांग की है कि शासन के निर्देशानुसार सभी स्कूलों में NCERT पाठ्यक्रम लागू किया जाए। साथ ही, पुस्तक खरीद के लिए कम से कम दो दुकानों की जानकारी अभिभावकों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें सुविधा मिल सके। इसके अलावा, दुकानदारों द्वारा पुस्तकों और कॉपियों का बिल देना अनिवार्य किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अभिभावकों का शोषण न हो।
RTE बच्चों को मिले पूरी सुविधा

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि आरटीई के अंतर्गत निजी स्कूलों में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निशुल्क पुस्तकें, कॉपियां और स्कूल बैग उपलब्ध कराए जाएं। शासन की मंशा इन बच्चों को मुख्यधारा में लाने की है, इसलिए किसी भी प्रकार का आर्थिक शोषण नहीं होना चाहिए। ग्राहक पंचायत ने यह भी मांग की है कि नगरीय सीमा से बाहर स्थित निजी स्कूलों में पढ़ने वाले RTE छात्रों को स्कूल द्वारा निःशुल्क बस सुविधा प्रदान की जाए, ताकि आवागमन में परेशानी न हो और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े।

