तहसील का मुस्कुराता चेहरा हमेशा के लिए खामोश,

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मुलताई।मुलताई तहसील कार्यालय में वर्षों से सेवा दे रहे, हर आगंतुक की पहली पहचान बने हंसमुख और मिलनसार भृत्य मुन्ना देशमुख का मंगलवार को अचानक निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही तहसील कार्यालय का माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम हो गई।

तहसील परिसर में प्रवेश करते ही एसडीएम कार्यालय के सामने लगी कुर्सी पर बैठा एक मुस्कुराता चेहरा, जो पूछने से पहले ही आगंतुकों को यह बता देता था कि किस अधिकारी से कब और कैसे मिलना है—वही चेहरा अब हमेशा के लिए शांत हो गया। मुन्ना देशमुख केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि तहसील कार्यालय की आत्मा जैसे थे। अपने सरल स्वभाव, मधुर व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा के कारण वे अधिकारियों से लेकर आम नागरिकों तक सभी के प्रिय थे। वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने कभी अपने दायित्व से समझौता नहीं किया और हर आने वाले व्यक्ति की समस्या को अपनी समझकर समाधान का रास्ता दिखाया।


मंगलवार सुबह 61 वर्षीय मुन्ना देशमुख रोज की तरह समय पर तहसील कार्यालय पहुंचे थे। वर्तमान में वे नायब तहसीलदार साईंखेड़ा वृत्त कार्यालय में पदस्थ थे। दोपहर लगभग 12 बजे वे कार्यालय में फाइल सिलने का कार्य कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। यह देखकर उनके पुत्र और सहकर्मियों ने बिना देरी किए उन्हें नगर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर बताते हुए तत्काल सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी।परिजनों और सहकर्मियों द्वारा उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार उनकी मौत का कारण हृदयाघात बताया जा रहा है।

जैसे ही इस दुखद घटना की जानकारी तहसील कार्यालय पहुंची, पूरा परिसर शोक में डूब गया। अधिकारी, कर्मचारी कार्य छोड़कर अस्पताल पहुंचे। हर कोई स्तब्ध था कि जो व्यक्ति कुछ देर पहले तक हंसते हुए काम कर रहा था, वह अचानक इस तरह सभी को छोड़कर चला जाएगा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मुन्ना देशमुख के निधन से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा तहसील कार्यालय एक भरोसेमंद, आत्मीय और समर्पित सेवक को खो बैठा है।

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