एसडीएम आदेश के 6 साल बाद भी नहीं लगा भारी वाहनों पर प्रतिबंध
मुलताई। अतिक्रमण के चलते बिगड़ती यातायात व्यवस्था अब पूरे जिले में आपसी सौहार्द और शांति व्यवस्था के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है। चाहे मुलताई फवारा चौक से जैन फोल्डिंग मार्ग पर दो नाबालिगों की मोटरसाइकिल दुर्घटना के बाद उपजे विवाद का मामला हो या हाल ही में आठनेर बाजार में मोटरसाइकिल को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद—दोनों ही घटनाओं की जड़ में खराब यातायात व्यवस्था है। इसका मुख्य कारण अतिक्रमण के कारण सड़कों का गलियों में तब्दील हो जाना है। प्रशासन घटनाओं के बाद सक्रिय तो हो जाता है, लेकिन ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई कहीं दिखाई नहीं देती।

विवादों वाली गली के हालात अब भी जस के तस
फवारा चौक से गांधी चौक तक जाने वाला जैन कोल्डिंग मार्ग, जो अब “विवादों वाली गली” के नाम से पहचान बना चुका है, मोटरसाइकिल विवाद के बाद एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सुधर नहीं पाया है। यहां मेरी दुकान तुम्हारी दुकान से आगे क्यों जैसी प्रतिस्पर्धा खत्म नहीं हो रही। कई दुकानदार दूसरों से आगे दिखने की होड़ में आधी से अधिक दुकान सड़क पर तक फैला रहे हैं। कुछ लोगों के ऐसे अतिक्रमण के कारण पूरी लाइन का व्यापार प्रभावित हो रहा है। इस संकरे मार्ग से दोपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं और वहीं से विवाद जन्म लेते हैं।
पवित्र नगरी के सभी प्रमुख मार्ग अतिक्रमण से बेहाल
मुलताई के लगभग सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र की सड़कें अतिक्रमण के कारण बदहाल हैं। कहीं कम तो कहीं ज्यादा—लेकिन समस्या हर जगह एक जैसी है।
इनमें शामिल हैं— स्मृति भवन, मासोद तिराहा से नाका नंबर 1 तक,जस्तम चौक से गांधी चौक तक,जय कोल्डिंग रोड से गांधी चौक तक,गांधी चौक से नाका नंबर 1 तक अंदरूनी मार्ग, फवारा चौक से स्टेशन रोड,बस स्टैंड से अग्रवाल पेट्रोल पंप तक, इन मार्गों पर बाहर से आकर कई व्यापारी फुटपाथ और सड़क तक दुकानें जमाए बैठे हैं। इससे यहां कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

एसडीएम आदेश के 6 साल बाद भी नहीं लग सका भारी वाहनों पर प्रतिबंध
शांति समिति की हर बैठक में नगर के मध्य से भारी वाहनों के आवागमन को रोकने की मांग उठती है। लेकिन तत्कालीन अनुविभागीय दंडाधिकारी सी.एल. चनाप द्वारा 9 सितंबर 2019 को जारी आदेश के बावजूद आज तक इसका पालन नहीं हो सका है। एसडीएम ने अपने आदेश में clearly निर्देश दिया था कि— भारी वाहनों का नगर के मध्य प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन IPC की धारा 188 के तहत दंडनीय होगा। नगर पालिका और पुलिस विभाग को कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए थे। फिर भी छह वर्षों में इस आदेश का पालन न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

- क्या था आदेश?
- एसडीएम सी.एल. चनाप ने पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग 69 पर मुरारी तिराहा से नागपुर नाका तक भारी वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था।
- यह आदेश मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम-215 और दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत पारित किया गया था।
इनका कहना है
नागरिकों की शिकायतों और हेल्पलाइन पर प्राप्त सूचना के आधार पर मंगलवार बाजार क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया है। नगर के अन्य हिस्सों को भी चिन्हित किया जा रहा है और चरणबद्ध तरीके से सभी स्थानों से अतिक्रमण हटाया जाएगा।
महेश शर्मा, उपयंत्री, नगर पालिका मुलताई

