अचानक बदले मौसम ने मचाई तबाही, आधे घंटे की आपदा से जनजीवन प्रभावित
मुलता मुलताई एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने अल्प समय में ही व्यापक नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक प्रभाव किसानों और ग्रामीणों पर देखने को मिला, जिससे क्षेत्र में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। संपूर्ण क्षेत्र में बर्फबारी और ओलावृष्टि के चलते कश्मीर के जैसे हालात है सड़कों और घरों पर बर्फ की चादर बीछी है। पशु पक्षियों को भी भारी नुकसान होने की संभावना है।
किसानों पर टूटा संकट, गेहूं की फसल बर्बाद
ओलावृष्टि और तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह गिरकर बिछ गई, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। वहीं जिन किसानों ने फसल की कटाई कर ली थी, उनकी रखी हुई उपज भी बारिश में भीगकर खराब हो गई। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। माँ कामाख्या मंदिर का मुख्य द्वार टूटा ग्राम डहुआ स्थित माँ कामाख्या मंदिर का मुख्य गेट तेज आंधी और ओलों की मार से क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। यह घटना स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।
घरों को नुकसान, छतें टूटीं, पानी घुसा
क्षेत्र के कई घरों में ओलावृष्टि के कारण सीमेंट शीट (छत की चादरें) टूट गईं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
ग्राम खैरवानी में प्रवीण पवार के घर में बारिश का पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान खराब हो गया और परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

NHAI का बोर्ड गिरा, पहले से दी गई थी चेतावनी
कामथ क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर लगा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का बोर्ड तेज आंधी के चलते गिरकर धराशायी हो गया। जानकारी के अनुसार, बोर्ड के खंभे पहले से ही जंग लगने के कारण कमजोर हो चुके थे। इस संबंध में ताप्ती ब्रिगेड के युवाओं द्वारा पूर्व में प्रशासन को सूचित भी किया गया था, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण यह हादसा हो गया।

आधे घंटे में मचा हड़कंप, प्रशासन से राहत की उम्मीद
करीब आधे घंटे तक चली इस भीषण प्राकृतिक आपदा ने पूरे क्षेत्र में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। लोग अब नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं और प्रशासन से शीघ्र राहत एवं मुआवजे की मांग कर रहे हैं। फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को मुआवजा दिया जाए
क्षतिग्रस्त मकानों का आंकलन कर राहत राशि प्रदान की जाए ,सार्वजनिक संपत्तियों (जैसे NHAI बोर्ड) की सुरक्षा की समीक्षा की जाए
प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मुलताई-आठनेर में ओलावृष्टि: कलेक्टर ने दिए तत्काल सर्वे के निर्देश
बैतूल, 04 अप्रैल 2026। जिले के मुलताई, आठनेर सहित आसपास के क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे बिना विलंब प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्रभावित क्षेत्रों में शुरू हुआ फसल सर्वे कलेक्टर के निर्देशानुसार मुलताई एवं आठनेर क्षेत्र में राजस्व अमला मौके पर पहुंच चुका है और फसलों के नुकसान का सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। खेतों में खड़ी एवं कटी हुई फसलों को हुए नुकसान का बारीकी से आकलन किया जा रहा है।
प्रशासन ने दिखाई तत्परता
एसडीएम मुलताई एवं भैंसदेही द्वारा जानकारी दी गई है कि राजस्व टीम द्वारा प्रभावित फसलों का आंकलन तेजी से किया जा रहा है, ताकि शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके और प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जा सके।
राहत कार्यों की तैयारी प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र ही मुआवजा प्रक्रिया

