अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी, 19 हजार से अधिक की शराब बरामद; सभी आरोपियों पर आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज,
मुलताई | थाना मुलताई पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 42.54 लीटर देशी एवं अंग्रेजी शराब जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹19,520 बताई जा रही है।
थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दिनांक 08 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर मुलताई कस्बा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग स्थानों से अवैध रूप से शराब बेचते हुए कुल 7 आरोपियों को पकड़ा गया।

बरामद शराब का विवरण
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 42.54 लीटर अवैध शराब जब्त की, जिसमें: 103 पाव देशी शराब, 43 बीयर शामिल हैं,लाइसेंस नहीं दिखाने पर कार्रवाई,पूछताछ के दौरान आरोपियों से शराब रखने एवं विक्रय संबंधी वैध लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन कोई भी आरोपी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए।
अवैध शराब पर कार्रवाई पर उठे सवाल: 7 गिरफ्तार, लेकिन क्या यह ‘बड़ी कार्रवाई’?
पुलिस इसे बड़ी कार्रवाई बता रही है हमारा भी निवेदन है कि जनता भी इसे बड़ी कार्रवाई ही माने। इस कार्रवाई में जप्त शराब और उसके मूल्य को सात लोगों में विभाजित किया जाए तो प्रति आरोपी लगभग 6 लीटर शराब और करीब ₹3,000 मूल्य की जब्ती सामने आती है जो की बड़ी कार्रवाई है लोगों का मानना है कि पवित्र नगरी में शराबबंदी लागू हो इसके लिए औपचारिकता के बजाय सप्लाई चैन पर कार्रवाई होना चाहिए। जानकारों की माने तो अब अवैध शराब व्यापार प्रतिदिन कई लाख रुपए तक पहुंच गया है।
गिरफ्तार आरोपी,पप्पू पिता कालिया सिंह राजपूत, निवासी वलनी,जितेन्द्र उर्फ मोटू पिता अमरलाल पवार, निवासी अंबेडकर वार्ड,अजय पिता पंजाबराव संतापे, निवासी बूकाखेड़ी,विकास पिता विजय पवार, निवासी कामथ,सोनिया पति लक्ष्मण भुमरकर, निवासी कामथ,विशाल पिता रमराव बोडखे, निवासी पारडसिंगा,रूपराव पिता काष्या चढोकर, निवासी कामथ,इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार के साथ उपनिरीक्षक सुनील सरेयाम, प्रधान आरक्षक दिनेश बर्डे, गजराज, सुशील कुमार धुर्वे, आरक्षक पुष्पा धुर्वे, अरविन्द, नरेन्द्र कुशवाह, प्रिंस, विवेक एवं महिला आरक्षक छाया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

