भगवान की भक्ति के साथ कर्म भी करते जाओ, फल जरुर मिलेगा: पं. प्रदीप मिश्रा,ऐसी सेवा न भूतो न भविष्यति 

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संजय द्विवेदी/असलम अहमद,

बैतूल-बैतूलवासियों ने यह साबित कर दिया कि वे प्रेम और भक्ति में सब कुछ कर सकते हैं।  बार-बार बारिश के बावजूद कुछ ही घंटों में जिस तरह फिर से व्यवस्था कर ली, विभिन्न समाज और संगठन रात-दिन सेवा में जुटे रहे,  ऐसी सेवा न भूतो न भविष्यति। 

प्रख्यात कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा जी ने बैतूल में चल रही मां ताप्ती शिवपुराण कथा के समापन पर  कहा कि किसी के घर शादी जैसा कार्यक्रम हो और पानी आ जाए तो पसीना छूट जाता है, व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाती हैं, यहां 2 बार पानी आया। दोबारा व्यवस्थाएं करने को पर्याप्त समय तक नहीं था। इसके बावजूद यहां पसीना नहीं छूटा बल्कि प्रेम टपका। यहां की व्यवस्थाएं जरा भी नहीं बिगड़ी। भोजन कराने सभी ने अपने खजाने खोल दिए, योगदान दिया। इतनी भक्ति और कहां देखने को मिलेगी। यहां जो प्रेम दिखा वह देखने के लिए अगला जन्म लेना होगा। यह बैतूलवासियों के शिव पर भरोसे का प्रताप है। उन्होंने कहा हम पानी में डूबेंगे तो मरेंगे, लेकिन शिव महापुराण में डूबेंगे तो तर जाएंगे। भगवान की भक्ति के साथ कर्म भी करते जाओ, फल जरुर मिलेगा।

चार लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे

आयोजन समिति के सह संयोजक द्वय आशु किलेदार और योगी राजीव खंडेलवाल ने बताया कि मां ताप्ती शिवपुराण समिति के तत्वावधान में विगत 12 दिसंबर से शिवधाम किलेदार गार्डन कोसमी में यह आयोजन जारी था। इसका आज समापन हुआ। समापन दिवस पर चार लाख से अधिक श्रद्धालु कथा में शामिल हुए। इन श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण करने के पश्चात भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। आखरी दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब ही उमड़ पड़ा। समापन दिवस की आरती पूर्व विधायक अलकेश आर्य, प्रमोद अग्रवाल, रजक समाज के प्रतिनिधि गण, आदिवासी समाज के प्रतिनिधि गण, पवन यादव, योगेंद्र पंवार, विवेक मालवीय, रंजीत शिवहरे, लट्टू अग्रवाल, दिनेश महस्की, पंकज साबले, अन्नू जसूजा, तपन (मोनू) खंडेलवाल, अभिषेक गोयल, मनीष सोलंकी, शक्ति अग्रवाल आदि के द्वारा की गई।


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