अनमोल अस्पताल में मिली अनियमितता, दस्तावेज जप्त लैब सील, निरस्त हो सकती है आयुष्मान स्वीकृति

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मुलताई-पारेगांव रोड पर स्थित अनमोल निजी हॉस्पिटल संचालक डॉ प्रवीण शुक्ला पर बालक विक्रम राठौर का गलत इलाज करने का आरोप लगने के बाद हुई शिकायतों की जांच करने मुलताई पहुंचे सीएमएचओ एके तिवारी ने अस्पताल के कागजात जप्त कर अवैध रूप से चलाई जा रही पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया है।

16 वर्षीय छात्र विक्रम राठौर का गलत इलाज की शिकायत विक्रम के परिजनों एवं निखिल जैन ने की थी इसके उपरांत नगरपालिका के सभापति अंजलि सुमित शिवहरे, सुरेश पौनीकर, अजय यादव ने ज्ञापन सौंपा था जिसके आधार पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राज नंदिनी शर्मा ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया क्या है। एसडीएम ने बताया कि  शिकायतों आधार पर जांच के लिए टीम का गठन किया गया है जिसमें सीएमएचओ ने भी अपने स्तर पर कुछ अधिकारियों को अस्पताल के मानकों की जांच के लिए शामिल किया है।

बिल्डिंग कंट्रक्शन एवं अस्पताल के लिए मिलने वाली एनओसी की जांच के लिए इस में नगरपालिका को भी शामिल किया गया। मामले की दस्तावेज जप्त कर जांच की जा रही है शीघ्र ही परिणाम सामने होंगे ।अनमोल निजी अस्पताल जांच के लिए पहुंचे दल को भाजपा नेता प्रह्लाद परमार, भारतीय जनता युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष निखिल जैन, बब्बल सेवतकर आदि कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर शुक्ला के अस्पताल से संबंधित शिकायतों को सौंप कर ठोस कार्यवाही की मांग की साथ ही जांच दल को बताया कि इस निजी अस्पताल पर आए दिन गलत इलाज के आरोप लगते  लगते हैं। 


निजी अस्पताल पर हो ठोस कार्यवाही

मुलताई नगर पालिका अध्यक्ष नीतू प्रह्लाद परमार ने कहां है कि उक्त निजी अस्पताल के संचालक पर इस बार ठोस कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि फिर कोई विक्रम को जीवन की ऐसी कठिनाइयों से ना गुजरना पड़े और नगर पालिका अनमोल अस्पताल को दी गई सभी एनओसी एवं भूखंड की स्वीकृतीयो की जांच करेगी।

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किंतु उसके बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती।शनिवार को एसडीम शर्मा एवं सीएमएचओ पारेगांव रोड पर स्थित अनमोल निजी हॉस्पिटल पहुंचे। जांच के बाद सीएमएचओ एके तिवारी ने बताया कि जांच के लिए दस्तावेज जप्त कर लिए गए हैं।  अवैध रूप से चलाई जा रही पैथोलॉजी लैब का लाइसेंस खत्म हो चुका था टेक्नीशियन के पास में भी रजिस्ट्रेशन नहीं था हमने सील कर दिया है। आईसीयू में 2 मरीज मिले हैं जोकि एमडी डॉक्टर की निगरानी में रखे जा सकते हैं आईसीयू की स्वीकृति जिस डॉक्टर के नाम से मिली है वह भोपाल में रहता है। जब स्वीकृति हुई होगी तब वह यहां रहा होगा इसका मतलब है कि वह जहां नहीं रहता देखते हैं आयुष्मान की स्वीकृति भी इसी आधार पर मिली होगी इस आधार पर आयुष्मान तो तुरंत निरस्त होगा।


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