इस वर्ष भी नहीं हो सकेगा ताप्ती सरोवर जल निकासी द्वार निर्माण

नव निर्माण के लिए अब समय नहीं शेष

मुलताई- ताप्ती सरोवर के स्लुस गेट की समस्या का स्थाई समाधान इस वर्ष भी नहीं हो सकेगा क्योंकि स्लुस गेट पूरी तरीके से खराब हो चुका है इसका नए सिरे से निर्माण करना होगा। जिसके लिए अब समय नहीं है आने वाले वर्षा काल को देखते हुए सुधार कार्य किया जा सकता है।

उक्त बात स्लुस गेट का जायजा लेने ताप्ती सरोवर पहुंचे उपयंत्री सीबी पाटेकर ने कही। उल्लेखनीय है कि गजानन मंदिर के समक्ष ताप्ती सरोवर पर स्थित जल निकासी मार्ग स्लुस गेट अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच गया है जिससे ताप्ती का जल स्तर बढ़ने के बाद निरंतर पानी का रिसाव होते रहता है। जलमार्ग के अंदर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई है जहां पानी ने अपना रास्ता बना लिया है।

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गेट खोलने पर ताप्ती सरोवर में आता है शनि सरोवर का पानी

वर्षों पहले जब इस जल निकासी द्वार का निर्माण हुआ था तब ताप्ती सरोवर की सतह छोटे तालाब की सतह से ऊपर हुआ करती थी किंतु ताप्ती सरोवर की दो बार खुदाई के बाद अब ताप्ती सरोवर  शनि सरोवर से नीचे हो गया है जिसके कारण ताप्ती सरोवर का जल घटने के साथ ही छोटे तालाब का पानी ताप्ती सरोवर मे आने लगता है छोटे तालाब से आने वाला यही पानी वर्तमान गेट सुधारने भी बड़ी समस्या है।

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जल मार्ग पर बनी पुलिया का ऊपरी भाग हुआ खस्ताहाल

जल निकासी द्वार के ऊपर बनी पुलिया का निचला भाग खोकला है जो पूरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो गया है पुलिया के टॉप ने लोहा छोड़ दिया है जो कभी भी ढह सकता है वर्षा काल में अगर यह छतिग्रस्त होता है तो इसके परिणाम खतरनाक भी हो सकते हैं। इसे देखते हुए नगर की जनता 15 वर्षों से इस स्लुस गेट का सुधार कार्य कराने की मांग करते आ रही है नगरपालिका के पार्षद इसके सुधार के लिए अनेक बार परिषद का प्रस्ताव ले चुके हैं किंतु कोई हल नहीं निकल सका पिछले 2 सालों से निरंतर बिगड़ती स्थिति को देखकर समाचार पत्रों के माध्यम से भी प्रशासन को इस स्थिति से अवगत कराया गया किंतु नगर पालिका खरीदी में व्यस्त होने कारण इस ओर  ध्यान नहीं दे सकी।

प्रशासक सुधीर जैन ने गेट को किया अपनी प्राथमिकता में किया शामिल

हाल ही में प्रशासक बनाए गए सुधीर कुमार जैन ने ताप्ती सरोवर जल निकासी मार्ग को  अपनी तीन प्राथमिकताओ में शामिल कर इसके सुधार कार्य के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं विद्युत यांत्रिकी मशीनरी विभाग ओएंडएम से संपर्क किया जिसके तहत आज सिंचाई विभाग के उपयंत्री सीबी पाटेकर ताप्ती सरोवर निकासी द्वार का जायजा लेने पहुंचे थे।

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नया स्ट्रक्चर बनाने में लगेंगे 10 से 15 लाख रुपए समय शेष नहीं

उन्होंने बताया कि  स्लुस गेट से पानी का रिसाव ना हो इसके लिए पूरा स्ट्रक्चर फिर से बनाना होगा जिसके लिए 10 से 15लाख रुपए की लागत आएगी। गेट का सुधार करते हैं तब भी पानी का रिसाव तो होगा ही नया स्ट्रक्चर बनाने के लिए अब समय शेष नहीं है।ताप्ती सरोवर एवं परिक्रमा क्षेत्र में स्थित मठ मंदिर नगर के धार्मिक धरोहर के रूप में देखे जाते है किंतु बीते कुछ वर्षों में ताप्ती सरोवर एवं शनि सरोवर की स्थिति निरंतर बिगड़ती जा रही है और चिंता का विषय यह है कि नगर पालिका के पास ताप्ती एवं शनि सरोवर सुधार के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।

इनका कहना

ताप्ती सरोवर के स्लुश गेट को हमने अपने कार्यकाल की प्राथमिकताओं में शामिल किया है इसके लिए ओएंडएम एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जा रहा है। हमारा प्रयास है  इस समस्या का स्थाई हल हो सके।
सुधीर जैन
नगर प्रशासक एवं तहसीलदार मुलताई

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