व्यापम मामले में ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पल्लव भेजें गए सेंट्रल जेल

एसटीएफ ने की गिरफ्तारी


बैतूल– बहुचर्चित व्यापम कांड में मुलताई में पदस्थ ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पल्लव अमृत फल्ले की गिरफ्तारी की खबर के चलते क्षेत्र में  हड़कंप मचा है । बैतूल से प्रकाशित अखबार खबर वाणी पोर्टल के अनुसार डॉक्टर पल्लव को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भोपाल भेज दीया है ।


होटल  में प्रकाशित खबर के अनुसार मुलताई में पदस्थ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ पल्लव अमृतफल्ले को व्यापम कांड में एसटीएफ भोपाल ने 1 मई के पहले मुलताई से गिरफ्तार किया था और उन्हें 1 मई 2022 को सेंट्रल जेल भोपाल भेजा गया है । सेंट्रल जेल के जेलर पीडी श्रीवास्तव ने सांध्य दैनिक खबरवाणी बैतूल को बताया कि पल्लव अमृतफाले 1 मई से सेंट्रल जेल भोपाल में है । पल्लव अमृतफ़ाले की गिरफ्तारी की पुष्टि एसटीएफ एसपी नवीन चौधरी ने भी की है।

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इन धाराओं में दर्ज है मामला

एसटीएफ थाना भोपाल में 28 दिसंबर 2019 को पल्लव अमृतफ़ाले के खिलाफ प्रकरण क्रमांक 0037 मैं धारा 419 ,420. 120 बी के अलावा मान्यता प्राप्त परीक्षाएं अधिनियम 3D/4 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था । इस मामले की जांच एसटीएफ थाना प्रभारी सुभाष दरश्यामकर कर रहे हैं ।

क्या है पूरा मामला

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अपने व्यापम प्रकरण की जांच के दौरान मध्यप्रदेश पीएमटी परीक्षा 2009 में अभ्यर्थी पल्लव अमृतफाले द्वारा अनुचित साधन का प्रयोग कर अज्ञात दलाल एवं प्रतिरूपधारक के साथ षड्यंत्र कर प्रतिरूपण द्वारा पीएमटी परीक्षा 2009 उत्तीर्ण की तथा श्यामशाह मेडिकल कॉलेज रीवा में प्रवेश प्राप्त कर धोखाधड़ी एवं प्रतिरूपण का अपराध परिलक्षित होने का उल्लेख करते हुए उचित वैधानिक कार्यवाही उल्लेख किया है । इस संबंध की गई प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई ।

इस तरह की गई थी धोखाधड़ी

एसटीएफ की जांच में पाया गया कि अभ्यर्थी पल्लव अमृत वाले का एप्लीकेशन फॉर्म मे लगी हुई फोटो तथा श्यामशाह मेडिकल कॉलेज रीवा के एडमिशन फॉर्म में लगी हुई फोटो एक व्यक्ति की ना होकर अलग-अलग व्यक्तियों की है ।दूसरा मामला अभ्यर्थी पल्लव अमृत वाले मूलतः जिला ग्वालियर के रहने वाले हैं तथा अभ्यर्थी ने पीएमटी परीक्षा 2009 के एप्लीकेशन डीटेल्स फॉर्म में अपना पता मकान नंबर 110 देवाशीष अपार्टमेंट मनोरमा गंज इंदौर लेख किया है । अभ्यर्थी ने मेडिकल कॉलेज रीवा के वेरीफिकेशन फॉर्म पर स्वयं की स्कूली शिक्षा मार्कसीट जिला भिंड मध्य प्रदेश से तथा बीएससी की शिक्षा जिला जबलपुर मध्यप्रदेश से किया जाना दर्ज की है । ऐसी स्थिति में उपरोक्त पते से फॉर्म भरा जाना संदेहास्पद पाया गया है । जांच में एक गंभीर आरोप यह भी है कि अभ्यर्थी द्वारा परीक्षा में सम्मिलित ना होना एवं मध्यस्थ रवि सिंह की सहायता से परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना बताया है ।

दैनिक खबर वाणी बैतूल पोर्टल से सहाभार


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