करोड़ का भुगतान फिर भी खाली पड़ा फिल्टर प्लांट,पाइप लाइन बिछाने में गुजार दिए ढाई साल

मुलताई – हरदौली जल आवर्धन योजना जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर नगर पालिका और श्रेय लेने वाले जनप्रतिनिधि कितने गंभीर है इसका उदाहरण संपूर्ण प्रदेश में पवित्र नगरी के अलावा कहीं और देखा नहीं जा सकता। जब हमने यह जानने का प्रयास किया कि जल आवर्धन योजना  पीएचई घटक जिसके शेष कार्य की लागत 4 करोड़ 70 लाख थी मे से ठेकेदार को नगर पालिका 2 करोड़ 80 लाख का भुगतान कर चुकी है। अगर यह देखें कि ढाई वर्षो में ठेकेदार ने क्या काम किया तो बेहद ही चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं जोकि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते है ।

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विभागीय सूत्र बताते हैं कि पूर्व ठेकेदार एसके लोखंडे को ब्लैक लिस्ट करके ढाई वर्ष पूर्व  हरदौली जल आवर्धन योजना का पीएचई घटक का कार्य आदि एक्वा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भोपाल को दिया गया जिसे योजना के पीएचई घटक का 1 वर्ष में कार्य पूर्ण करना  था। किंतु ढाई वर्ष गुजर जाने के बावजूद भी पीएचई घटक का मुख्य कार्य फिल्टर प्लांट का काम शुरू भी नहीं हो सका है इंटेक वेल की खुदाई की गई है हरदौली से लेकर मुलताई तक 3.8 किलोमीटर 10 इंची पाइप लाइन डाली गई है। फिल्टर प्लांट में अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है जल सप्लाई टांके के ऊपर बने कक्षा में दो मोटर लगाई गई है जिसका उपयोग अभी नहीं हो रहा है इसके अलावा 23 किलोमीटर नगरीय क्षेत्र में पाइप लाइन डाली गई है ।

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ढाई साल बाद भी खाली फिल्टर प्लांट जिसमें मात्र एक लोहे का जाला लगा है
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बांध के वेस्ट वियर साइट में खुदा गड्ढा जिसे नगरपालिका इंटेक वेल कहती है

प्रोजेक्ट को लेकर नगर पालिका की गंभीरता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि ढाई वर्ष बाद विद्युत सप्लाई के लिए ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य किया जा रहा है लगने वाला ट्रांसफर 8 लाख 95 की लागत से लगाया जा रहा है जिससे 11 केवी लाइन जोड़ी जा रही है। मशीन ला कर रखी है जिसे खोला भी नहीं गया है बगैर खोले बगैर टेस्ट करे नगर पालिका द्वारा इसका भुगतान कर दिया गया भाजपा पार्षद एवं पूर्व सभापति हनी सरदार कहते हैं कि ढाई वर्ष में ठेकेदार ने जितना कार्य किया है वह मात्र 4 माह में किया जा सकता किंतु उसके बावजूद भी उसमें ठेकेदार पर कार्रवाई करने के बजाय उसकी समय अवधि बढ़ाई गई, ढाई वर्ष में नगरपालिका और ठेकेदार दोनों ने मात्र पाइप लाइन बिछाने में ही रुचि दिखाई जो जरूरी था फिल्टर प्लांट उस का  कार्य अभी तक नहीं हुआ है। मशीनों को लगाए बगैर टेस्ट किए उसका भुगतान किया गया। पाइप लाइन को भी टेस्ट किए बगैर  डायग्राम बनाएं बगैर भुगतान कर दिया गया जिसकी जांच की जानी चाहिए।

इनका कहना
2 करोड़ 80 लाख  रुपए का भुगतान ठेकेदार को किया गया है तीन बार ठेकेदार की समय अवधि बढ़ाई गई है मशीनरी खरीदी का भुगतान भी ठेकेदार को किया गया है खरीदी और लेबर चार्ज के भुगतान का प्रावधान है।


नितिन कुमार बिजवे
मुख्य नगरपालिका अधिकारी मुलताई


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