करोड़ों के भुगतान के बाद भी अधर में लटकी हरदौली जल आवर्धन योजना,अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर  जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल

मुलताई- नगर की पेयजल समस्या के स्थाई समाधान के लिए करोड़ की लागत से  बनाई गई हरदौली जल आवर्धन योजना क्रियान्वयन की खामियों के चलते मजाक बनकर रह गई है। नगर की जनता अधर में लटकी हरदौली जल आवर्धन योजना के धरातल पर उतरने की बाटजोह रही है और नगर पालिका ठेकेदारों को भुगतान कर रही है नतीजे की बात करें तो नगर की पेयजल समस्या घटने के बजाय बढ़ती जा रही है।

हाल ही में नगरीय प्रशासन के चीफ इंजीनियर हंस कुमार जैन तथा संभागीय कार्यपालन यंत्री आलोक चौकसे ने हरदौली जल आवर्धन योजना का निरीक्षण कर फिल्टर प्लांट के बगैर पानी सप्लाई किए जाने और पीएचई घटक के निर्माण में हो  रही देरी को लेकर नगरपालिका ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई साथ ही हो रहे कार्य के प्रति असंतोष जताते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण करने का कहा है।

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1 वर्ष में करना था कार्य ढाई वर्ष बाद भी अधर मे

योजना के जानकार बताते हैं कि जल आवर्धन योजना के पीएचई घटक के पूर्व ठेकेदार एसके लोखंडे को ब्लैक लिस्टेड कर वर्तमान ठेकेदार आदि एक्वा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भोपाल को जल आवर्धन योजना के पीएचबी घटक का वर्क आर्डर 20 नवंबर 2020 को दिया गया था । वर्तमान ठेकेदार को पूर्व ठेकेदार द्वारा छोड़ा गया अधूरा कार्य जिसमें मुलताई से हरदौली तक पाइप लाइन, नगरी क्षेत्र की पाइप लाइन एवं फिल्टर प्लांट का कार्य 1 वर्ष की समय अवधि में पूर्ण किया जाना था। किंतु वर्तमान ठेकेदार को वर्क आर्डर दिए अब ढाई वर्ष गुजर चुका है किंतु इसके बावजूद भी फिल्टर प्लांट का कार्य ही पूर्ण नहीं हो पाया है जबकि फिल्टर प्लांट की बिल्डिंग पूर्व ठेकेदार द्वारा ही बना दी गई थी।

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ठेकेदार को किया  2 करोड़ 80 लाख रुपए का भुगतान

ढाई वर्षो में ठेकेदार को 2 करोड़ 80 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है जिसमें फिल्टर प्लांट की मशीन संभल से मुलताई तक पाइपलाइन एवं नगरी क्षेत्र की पाइपलाइन शामिल है इस भुगतान में चिंता का विषय यह है कि पूर्व ठेकेदार एसके लोखंड द्वारा नगर में डाली गई पाइप लाइन अब तक पूरी नहीं मिल पाई है  इसके बावजूद पूर्व में उस ठेकेदार को बगैर भौतिक सत्यापन एवं लाइन डायग्राम के भुगतान कर दिया गया। भाजपा पार्षद हनी सरदार कहते हैं कि इस बार भी नगरी क्षेत्र में शेष बची पाइपलाइन डाले जाने का भुगतान वर्तमान ठेकेदार को बगैर लाइन डायग्राम बनाए बगैर भौतिक सत्यापन किए बगैर टेस्ट के किया गया है। अगर भविष्य में यह पाइप लाइन भी नही मिलती या इसमें कोई खराबी आती है तो इसके लिए दोषी कौन ..? पूर्व पार्षद एवं नगर पालिका में सांसद प्रतिनिधि जयदीप ठाकरे कहते हैं योजना को लेकर अधिकारी कभी गंभीर नहीं रहे इसी का नतीजा आज जनता को भुगतना पड़ रहा है शासन को चाहिए कि संपूर्ण मामले में ठेकेदारों को किए गए भुगतान की जांच करें और शीघ्र जल आवर्धन योजना का कार्य पूर्ण कर नगर की जनता को प्रति दिन पेयजल उपलब्ध कराएं।

इनका कहना

हरदौली जल आवर्धन योजना पीएचई घटक के ठेकेदार को अब तक 2 करोड़ 80 लाख का भुगतान किया गया। जो पाइप लाइन बिछाई जाती है उसकी टेस्टिंग रिपोर्ट होती है इंजीनियर सत्यापन करता है इसके बाद भी पूरा भुगतान नहीं किया जाता।

नितिन कुमार बीजवे
मुख्य नगरपालिका अधिकारी मुलताई

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