फसल बीमे की मांग को लेकर किसानों का पैदल मार्च,बीमा राशि वितरण प्रक्रिया में भेदभाव से किसान आक्रोशित


मुलताई -फसल बीमे की मांग को लेकर ज्वलखेड़ा ,आमाबघोली,कान्हाबघोली के सैकड़ों किसान चिलचिलाती धूप में 10 से 15 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचे, बस स्टैंड पर किस स्थान पर नारेबाजी एवं प्रदर्शन के उपरांत किसान तहसील परिसर पहुंचे जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सौंप,

ज्ञापन में कहा गया है कि 2 फरवरी 2022 को वर्ष 2020-2 में नष्ट हुई रबी एवं खरीब की फसल का फसल बीमा बैतूल में आयोजित एक कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से मध्यप्रदेश के कुल 49 लाख किसानों के खातों में 7600 करोड़ रुपये सहायता राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की थी। लेकिन मुलताई तहसील के कई गाँव के किसान फसल बीमा की राशि से वंचित हैं जिसमें डिवटिया, कान्हा बघोली, आमाबघोली, जौलखेड़ा

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के किसान भी शामिल है। इसके पहले भी फसल बीमा से वंचित किसानों ने आपको ज्ञापन पत्र भेजा था लेकिन डेढ़ माह बाद भी किसानों को बीमा राशि प्राप्त नहीं हुई है। किसान अपना काम धंधा छोड़कर बैंक और तहसील
कार्यालय के चक्कर लगा रहे है। बीमा राशि वितरण प्रक्रिया में भेदभाव से किसान आक्रोशित ह है।इस बढ़ती महंगाई के दौर में किसानी की लागत भी बढ़ गई है। डीजल के दामों में वृद्धि से खेतों की जुताई, बुवाई का खर्च भी बढ़ गया है लेकिन किसानों की उपज के दामों में महंगाई की तुलना मे बहुत कम वृद्धि की गई है। आपसे अनुरोध है कि सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की कानूनी गार्ड प्रदेश में लागू करे ताकि किसानों को अपनी उपज का उचित दाम मिल सकें। प्रदर्शन में शामिल होने वालों में लक्ष्मण सिंह परिहार, संतोष सिंह, लखन सिंह, धनराज सिंह, जीवन सिंह, कुबेर सिंह ,


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