मुलताई- नगर पालिका को दैनिक बाजार वसूली से लाखों की आय प्राप्त होती है और नगर पालिका सफाई अभियान पर भी लाखों रुपए खर्च करती है किंतु उसके बावजूद भी दैनिक बाजार में सब्जी बेचने वाले किसानों को ना तो सुविधाएं प्राप्त होती हैं और ना ही गंदगी से निजात मिल पाती है ।

This image has an empty alt attribute; its file name is BTL-22-3-22-341.jpg

इन सब्जी व्यापारियों को गंदगी के पास अपनी सब्जियों की दुकान लगाना पड़ता है और घंटो इस गंदगी के बीच गुजारना पड़ता है। अनेक सब्जी व्यापारी ऐसी नालियों के पास बैठकर व्यापार करने के लिए विवश  है जो कई दिनों या महीनों साफ नहीं होती। नगर पालिका जब दैनिक सब्जी व्यापारियों से लाखों रुपए वसुलती है तो नगरपालिका की जवाबदेही है कि वह इन सब्जी व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान मुहैया कराएं पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था करें।

नगर पालिका को लेकर महिला सब्जी व्यापारियों में रोष

हमने जब इन सब्जी व्यापारी से बात की तो सब्जी का व्यापार करने वाली महिलाओं में नगर पालिका को लेकर भारी रोष था सब्जी का व्यापार करने वाली हेमलता पवार, उर्मिला बाई जोगी थाना लाइन में सब्जी की दुकान लगाती है कहती है कि नगर पालिका हमसे टैक्स के नाम पर लाखों रुपए वसूलती है । किंतु सुविधा के नाम पर ना तो पेयजल उपलब्ध कराती है और ना ही शौचालय की व्यवस्था करती है, हम अगर पानी खरीद कर पीने की हैसियत में होते तो फुटपाथ पर बैठकर व्यापार क्यों करते

This image has an empty alt attribute; its file name is BTL-22-3-22-342.jpg

दैनिक सब्जी बाजार में सब्जी व्यापार करने वालों में महिला व्यापारियों की संख्या बहुत अधिक है किंतु हमारे लिए शौचालय तक उपलब्ध नहीं है नगर पालिका सब्जी व्यापारियों को चिन्हित कर उचित स्थान तक उपलब्ध नहीं कराती, हमें गंदगी में बैठकर घंटों स्वास्थ्य दांव पर लगाकर व्यापार करना पड़ता है आजू बाजू गंदगी के ढेर लगे रहते हैं।

बाड़ेगांव निवासी चेतन सिंह एवं करपा निवासी दयाल पवार बताते हैं कि हम खाने के पीछे नाली के समीप बैठ कर सब्जी का व्यापार करते हैं नालिया साफ नहीं होती दिन भर दुर्गंध और मच्छरों का सामना करना पड़ता है किंतु फिर भी पेट के लिए यह सब सहन करना पड़ता है नगरपालिका ना तो सफाई पर ध्यान देती है और ना ही व्यापारियों को उचित स्थान मुहैया कराने का प्रयास करती है। उल्लेखनीय है कि नगर पालिका ने स्वच्छता मिशन में सिर्फ जागरूकता मिशन के नाम पर ही लाखों रुपए खर्च कर दिए वाल पेंटिंग  और नुक्कड़ नाटक के भुगतान अभी जानकारी नहीं मिल सकी है किंतु स्वच्छता मिशन में भारी-भरकम राशि खर्च करने के बावजूद भी नगर में स्वच्छता मिशन के ठोस परिणाम खोजना कठिन है।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here