डिजिटल करेंसी को लेकर  हो हल्ला क्यों क्या है डिजिटल करेंसी

गज़ाला अंजूम


भोपाल- देश में इन दिनों डिजिटल करेंसी को लेकर हो हल्ला मचा हुआ है और इसको लेकर अनेक आशंकाएं भी है हाल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  डिजिटल एसेट (digital assets)  पर टैक्स लगाने की बात कही है । बड़ा प्रश्न यह है कि डिजिटल करेंसी को लेकर हो हल्ला क्यों ? और क्या है डिजिटल करेंसी, डिजिटल एसेट और इनका अंतर


डिजिटल करेंसी क्या है


डिजिटल करेंसी पूरा नाम सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी है। इसे रिजर्व बैंक जारी करता है और सरकार की मान्यता मिलती है।इससे केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट में भी शामिल होती है। इसकी खासियत यह है कि इसे देश की सावरेन करंसी मे बदला जा सकता है। देश में इसे डिजिटल रुपया भी कहा जाता है। वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले साल तक भारत में डिजिटल करेंसी शुरू हो जाएगी।रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कंट्रोल में होगी, जैसे कागज का रुपया होता है वैसे ही डिजिटल रुपए होगा। इसे कैसे इस्तेमाल किया जाएगा यह गाइडलाइन आरबीआई जारी करेगा।दुनिया भर में क्रिप्टो करेंसी या कहें कि वर्चुअल करेंसी का क्रेज बढ़ रहा है, तो उसको देखते हुए भारत ने डिजिटल करेंसी लाने की सोची है। चीन अपनी डिजिटल करेंसी डिजिटल युवान ला चुका है। अमेरिका में डिजिटल डॉलर लाने की सोच रहा है।

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क्रिप्टो करेंसी क्या है और कैसे काम करती है

क्रिप्टो करेंसी एक वर्चुअल करेंसी ( एक प्रकार का डिजिटल एसेट) है आप इसे खरीदते हैं या इससे कुछ खरीदते हैं तो इसके लिए आपको  बैंक या ब्रोकर नहीं चाहिए। भारत में अभी यह लीगल नहीं है,  फिलहाल बजट 2022-23 में निर्मला सीतारमण ने डिजिटल एसेट पर 30 फ़ीसदी टैक्स की घोषणा की है ।

क्रिप्टो करेंसी या क्रिप्टो एक डिजिटल संपत्ति है जिसे कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से एक्सचेंज के माध्यम के रूप में काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।क्रिप्टो करेंसी वित्तीय लेनदेन का एक जरिया है। क्रिप्टो करेंसी का आविष्कार 2008 में किया गया और इसका उपयोग 2009 से शुरू हुआ जब इसका क्रियान्वयन ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में जारी किया गया था।

डिजिटल और क्रिप्टो में अंतर क्या है आइए जानते हैं

•बिटकॉइन जैसे क्रिप्टो करंसी डिसेंट्रलाइज्ड है और किसी सरकार या सरकारी संस्था से संबंध नहीं है।
•डिजिटल करेंसी को उस देश की सरकार की मान्यता हासिल होती है, जिस देश का केंद्रीय बैंक इसे जारी करता है।
• क्रिप्टो करेंसी एक मुक्त डिजिटल एसेट है, यह किसी देश या क्षेत्र के सरकार के अधिकार क्षेत्र या कंट्रोल में नहीं है।

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ब्लॉक चैन क्या होती है

यह दो शब्दों से मिलकर बना है पहला ब्लॉक और दूसरा चेन यानी की श्रृंखला/ब्लॉक का मतलब ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में बहुत सारे डेटा ब्लॉक से हैं मतलब इस ब्लॉक मे क्रिप्टो करेंसी आने की डाटा रखा जाता है। अलग-अलग बॉक्स में करेंसी यानी डाटा होता है और यह एक दूसरे से जुड़े होते हैं। डेटा की एक लंबी चेन बनाते जाती हैं जैसे ही नया डाटा आता है उसे एक नया ब्लॉक में दर्ज किया जाता है। एक बार जब ब्लॉक डाटा से भर जाता है तो इसे पिछले ब्लॉक से जोड़ दिया जाता है,इसी तरह सारे ब्लॉक एक दूसरे से जुड़े रहते हैं।

लोग कमाई कैसे करते हैं क्रिप्टो करेंसी से

लोग शेयर मार्केट में पैसा लगाते हैं शेयर खरीदते हैं शेयर बेचते हैं वैसे लोग क्रिप्टो करेंसी खरीदते बेचते हैं शेयर मार्केट और क्रिप्टो करेंसी में एक बड़ा अंतर है कि शेयर मार्केट मे इसका सिस्टम है जो कि SEBI नियंत्रित करती है। अभी क्रिप्टो करेंसी इंडिया में नियमित नहीं है। इंडिया में इसे लेकर नियमित व लीगल क्लेरिटी नहीं है।

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