पंचायत चुनाव निरस्त होने से नाराज उम्मीदवारों ने मांगा हर्जाना

आमला से रोहित दुबे

आमला-मंगलवार शाम को राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन की प्रक्रिया निरस्त कर दी। जिसके बाद उम्मीदवारों  में काफी नाराजगी देखी जा रही है। चुनाव में उम्मीद्वारी जता चुके उम्मीद्वारों को कहना है कि दस पन्द्रह दिन में उन्होने चुनाव प्रचार  में बड़ी राशि व्यय की है। चुनाव निरस्त होने से उन्हे मानसिक और आर्थिक हानि हुई है।

आज आधा सैकडा से अधिक उम्मीद्वारों ने तहसील कार्यालय पंहुचकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि मध्यप्रदेश सरकार पंचायती राज को खत्म करना चाहती है चुनाव प्रक्रिया में लाखो अभ्यर्थियों ने अपने नाम निर्देशन पत्र जमा किए जिसमे बड़ी राशि खर्च हुई है। बैनर पोस्टर वाहनों में भी उम्मीद्वार राशि खर्च कर चुके है शासन इस राशि की क्षतिपूर्ति के लिए एक निश्चित् राशि हर्जाने के रूप में उम्मीद्वारों को वापस करें। ज्ञापन सौंपने के बाद सुनेर उइके, मसरू धुर्वे, राजेश वट्टी ने कहा कि यदि हर्जाना राशि नही दी जाती है तो प्रत्याशियों द्वारा जमा किए गऐ नाम निर्देशन पत्र पर ही चुनाव सम्पन्न करवाऐं जाए। वही उम्मीद्वार महेन्द्रसिंह परमार, मुकेश उइके, रविकांत उघड़े ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पंचायतीराज व्यवस्था को खत्म करना चाहती है। इस सरकार के रहते कभी चुनाव नही हो पाऐंगे। चुनाव में अपनी दावेदारी जता रहे राजु सिलू दलपतसिंह वटके नौखेलाल गोलू बिसन्द्रे शिवदयाल ने भी तिखि प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार अपनी हदधर्मिता छोडे और ग्रामीण जनता के साथ छलावा बंद करे ज्ञापन सौपते समय प्रमुख रूप से जितेन्द्र शर्मा, कैलाश अर्जुन उइके, कोमल, बबलू, पूसा, सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। 

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राष्ट्रपति शासन लगाया जाए

ग्रामीणों का साथ दे रहे जितेन्द्र शर्मा, राजेश वट्टी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार चुनाव कराने में सक्षम नही है। सरकार ने सभी वर्गो के साथ छल किया है इसलिए मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए और चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। 

जल्द हो चुनाव

ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की है कि तीन माह के भीतर सारी औपचारिकताऐं पूर्ण कर चुनाव करवाऐं जाऐ जिससे पंचायती राज व्यवस्था कायम रहे। साथ ही मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

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