पांढुरना से अजय टावरे, मुलताई से असलम अहमद

मुलताई पांढुरना- महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश वन विभाग की टीम ने आठनेर के वन ग्राम छिंदवाड़ पोस्ट हिडली से बाघ को जहर देकर मारने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक 3 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं

जिसमें एक पांढुरना और दो आरोपी मुलताई वन अनुभाग के आठनेर क्षेत्र के शामिल है। संपूर्ण मामले की जांच महाराष्ट्र वन विभाग की टीम कर रही है और मध्य प्रदेश वन विभाग सहयोगी भूमिका में है। जाच दल ने बाघ के 4 पंजे और खाल बरामद कर लिए गए हैं। बाघ की खाल और पंजों को फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया है। मुलताई वन परीक्षेत्र अधिकारी अशोक रहांगडाले एवं पांढुर्णा वन परीक्षेत्र अधिकारी दीपक चौधरी से प्राप्त जानकारी के अनुसार  3 वर्ष पूर्व मुलताई वन अनुभाग के आठनेर बीट में वन ग्राम छिंदवाड़ में बाघ को जहर देकर मारा गया था,

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जिसके पंजे और खाल को आरोपियों का मामा मोतीलाल सलामे जो कि पांढुरना विकासखंड के बिछुआ सहानी ग्राम का निवासी है, नागपुर में बेचने का प्रयास कर रहा था। नागपुर वन विभाग को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने पांढुरना के ग्राम बिछुआ सहानी मे मोतीलाल सलामे को गिरफ्तार किया, सलामे के खेत में बने कोठे से बाघ की खाल एवं बाघ के पंजे बरामद किए, सलामे की निशानदेही पर पांढुरना एवं मुलताई वन विभाग के सहयोग से मुलताई वन अनुभाग के आठनेर क्षेत्र के वन ग्राम छिंदवाड़ से रामदेव मर्सकोले एवं रामभाऊ मर्सकोले को बाघ की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

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बाघ के शिकार पर जहरीला पदार्थ डालकर  की थी बाघ की हत्या

बाघ की हत्या के आरोप में पकड़ाए आरोपियों ने जो जानकारी वन विभाग के अमले को दी है, वह चौकाती है, देश में जहां घटती बाघों की संख्या चिंता का विषय है। वही आठनेर क्षेत्र के वन ग्राम में  आसानी से बाग की हत्या कर दी जाती है और इसकी वन विभाग को भनक तक नहीं लगती और विशेष तौर से तब जब बाघ एक गाय का शिकार कर लेता है।

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आरोपियों ने जो वन अमले को जानकारी दी उसके अनुसार 3 वर्ष पूर्व बाघ ने वन ग्राम छिंदवाड़ में एक गाय का शिकार कर लिया था और बाघ की प्रवृत्ति होती है वह शिकार करने के बाद दूसरी बार अपने शिकार को खाने जरूर आता है, बाघ जब शिकार करने के बाद लौट गया, तब आरोपी रामदेव मर्सकोले एवं रामभाऊ मर्सकोले ने शिकार पर जहरीला पदार्थ लाल दिया जिसके कारण बाघ की मौत हो गई, आरोपियों ने बाघ को गड्ढे में गाड़ दिया बाद में जिसकी खाल एवं पंजे निकाल लिए गए जोकि पांढुरना से बरामद किए गए हैं।

इनका कहना

महाराष्ट्र  वन विभाग की टीम संपूर्ण मामले की जांच कर रही है मुलताई एवं पांढुरना वन विभाग का अमला जांच में सहयोग कर रहा है आरोपियों को जेल भेज दिया गया है बरामद खाल एवं पंजों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।

अशोक रहांगडाले
वन परीक्षेत्र अधिकारी मुलताई

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