सीएमएचओ आफिस के बाबू कि जहर खाने के बाद मौत, सुसाइड नोट बरामद, स्वास्थ्य केंद्र फर्जी नियुक्ति मामला

बैतूल से संजय द्विवेदी

बैतूल-बीते दिनों कोरोना काल में  स्वास्थ्य विभाग बैतूल में फर्जी नियुक्तियों का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था इसी मामले में सीएमएचओ आफिस में सहायक ग्रेड-3 के बाबू सुंदरलाल पवार पिता मोतीलाल पवार उम्र 58 वर्ष निवासी महावीर वार्ड बैतूल ने परेशान होकर सल्फास की 3 गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की थी। उसे गंभीर अवस्था मे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान शाम को उसकी मौत हो गई है।

पुलिस को मिला सुसाइड नोट  संजय दुबे को बताया जिम्मेदार

आत्महत्या करने से पहले बाबू ने एक सुसाइड नोट लिखा था जो पुलिस को मिल गया है, जिसमें उसने लिखा है कि मैं सुंदरलाल पवार पिता मोतीलाल पवार मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में ग्रेड-3 पद पर कार्यरत हूं।

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मै आवक जावक का कार्य कर रहा था ,उसी समय कोविड-19 में वैकेंसी कार्य फार्म लेने के लिए संजय दुबे सहायक ग्रेड-2 द्वारा मुझे काम सौंपा गया, एवं आवक-जावक कार्य होने के कारण सिर्फ आवेदन फार्म जमा किया गया। मेरा फर्जी भर्ती मामले में कोई लेना देना नहीं है, किसी भी व्यक्ति से मैंने किसी भी प्रकार का पैसा नहीं लिया है, मुझे संजय दुबे द्वारा इस भर्ती प्रकरण में फसाया गया,जिसके कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूं ,जिसका जवाबदार संजय दुबे सहायक ग्रेड-टू है।

इस संबंध में एसडीओपी बैतूल नीतेश पटेल ने बताया कि कोरोना काल मे स्वास्थ्य विभाग में अस्थाई नौकरी के नाम पर फर्जी भर्तियां की गई थी जिसका खुलासा पुलिस ने किया था और इस प्रकरण में 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था, साथ ही स्वास्थ्य विभाग बैतूल के कुछ कर्मचारियों से भी इस भर्ती प्रक्रिया के मामले में पूछताछ चल रही है। इसी तारतम्य में स्वास्थ्य विभाग के बाबू सुंदरलाल पवार, एमएन पीटर मेडम, जीवन साहू, राजेश अगल्वे सहित अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।

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मरणासन्न बयान लेते हुए एसडीएम बैतूल सीएल चनाप

पटेल ने बताया कि इन सभी कर्मचारियों से जानकारी एकत्रित करने के लिए रूटीन पूछताछ की जा रही थी। भर्ती प्रक्रिया के लिए सुंदरलाल पवार को राजेश अगल्वे ने संधारण हेतु भर्ती प्रक्रिया से संबंधित एक रजिस्टर भी दिया था जिसके संबंध में उससे पूछताछ करने के लिए उसे सिर्फ एक बार एसडीओपी कार्यालय बुलवाया गया था।

इनका कहना-
एसडीओपी बैतूल नितेश पटेल ने बताया कि इस पूरे मामले में पुलिस ने पूछताछ हेतु  सीएमएचओ कार्यालय में कार्यरत जीवन साहू, राजेश अगल्वे, सुंदरलाल पवार एवं एमएन पीटर मैडम को रूटीन पूछताछ हेतु एसडीओपी कार्यालय बुलाया गया था, जिसमें राजेश अगल्वे द्वारा बताया गया था कि सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 बाबू सुंदरलाल पवार द्वारा अभ्यार्थियों से फार्म जमा किए गए थे, जिसकी रजिस्टर में एंट्री की गई थी इसी संबंध में पुलिस द्वारा उसे केवल एक ही बार एसडीओपी कार्यालय में कथन हेतु बुलाया गया था।

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