मुलताई- ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ होते ही, नगर में पेयजल संकट की आहट होने लगती है और नगर पालिका लाखों रुपए खर्च कर टैंकरों से पानी खरीदने लगती है। बीते 2 वर्ष में नगर पालिका ने 75 लाख रुपए का पानी खरीदा किंतु इस वर्ष ना तो पेयजल को लेकर नगर में  हा हा कार मचा, और ना ही नगर पालिका ने लाखों का पानी खरीदा, तो प्रश्न यह है कि इस वर्ष ऐसा क्या हुआ कि टैंकरों से लाखों का पानी खरीदे बगैर नगर वासियों को परंपरागत रूप से क्रम अनुसार  पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

जब हमने इसकी पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए, जो नगर वासियों को जानना जरूरी है। क्योंकि यह छोटा-मोटा मामला नहीं है प्रतिवर्ष 30 से लेकर 60 लाख रुपए के पानी खरीदने का मामला है । अब परिषद नहीं है, प्रशासक है और नगर पालिका एवं नगर की पेयजल व्यवस्था का नेतृत्व इस वर्ष पदस्थ हुए, नगर पालिका अधिकारी नितिन  कुमार बिजवे कर रहे हैं। नगर की व्यवस्थाओं की दृष्टि से वो भी नगर के लिए नए थे इसके बावजूद उन्होंने चंद समय में  पेयजल व्यवस्था में ना सिर्फ सुधार किया बल्कि नगर पालिका को लाखों रुपए की पेयजल परिवहन से भी मुक्ति दिलाई । इसका अभिप्राय यह है कि नगर की पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए इससे पूर्व में ईमानदार प्रयास नहीं किए गए ।

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2 वर्ष पूर्व 450 प्रति टैंकर खरीदा था पानी वर्तमान में स्वीकृत दर 249 रुपए 75 पैसे

पानी के इस खेल को 3 वर्षों के पेयजल खरीदी के आंकड़ों से आसानी से समझा जा सकता है।

नगरपालिका  से ली गई जानकारी के अनुसार मुलताई नगर पालिका ने वर्ष 19-20 में पेयजल परिवहन 450 रुपए प्रति 5000 लीटर की दर से, कुल 13978 टैंकर पानी के एवज में ठेकेदार को 62 लाख 90 हजार100 ( 62,90100) का भुगतान किया गया।

नगर पालिका ने वर्ष 20 -21 प्रति टैंकर राशि 324 .75 पैसे प्रति 500 लीटर की दर से 4245 टैंकर पानी 13 लाख 78हजार563 रुपए में खरीदा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वर्ष 20-19 मे जहां नगर पालिका ने अब तक के सर्वाधिक दाम ₹450 प्रति टैंकर की दर से पानी परिवहन को स्वीकृति प्रदान की, वहीं 20- 21 में 324 .75 पैसे स्वीकृत किए वहीं वर्ष 20-21  वर्तमान वर्ष के लिए 249 रुपए 75 पैसे 500 लीटर प्रति टैंकर की दर से राशि स्वीकृत की जो कि 7 वर्ष में सबसे कम है। और आरंभिक समय में मात्र इस डर से 1955 टैंकर पानी खरीद कर पानी खरीदी बंद कर दी गई जिसका इस वर्ष पेयजल परिवहन पर किया गया कुल भुगतान 487772 इस वर्ष पेयजल परिवहन का कुल भुगतान 5 लाख भी नहीं होगा। इसके मायने यह है कि इससे पूर्व भी अगर प्रयास किए जाते तो नगर पालिका के लाखों रुपए बचाए जा सकते थे और आंकड़े जो कहानी कहते हैं। उससे पूर्व परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।

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चुनौती थी पेयजल व्यवस्था हम सफल हुए

नगर पालिका अधिकारी नितिन कुमार बिजवे कहते हैं मुलताई में पदस्थ होते ही हमारे लिए पेयजल समस्या बड़ी चुनौती थी, हमने नगर की पेयजल वितरण प्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएं, कुछ बोर जो बंद थे उसे चालू करने के प्रयास किया और वह चालू हो गए  जो अभी चल रहे हैं। उदाहरण के लिए मासौद पंप की बाउंड्री में पूर्व में किया गया बोर बंद मानकर छोड़ दिया गया था, संभावना के आधार पर इसमें मोटर डालकर इसे चालू करने का प्रयास किया गया और यह प्रयास सफल हुई है अभी मासोद पंप की बाउंड्री में लगा बोर नगर को पेयजल आपूर्ति कर रहा है। ऐसे ही प्रयास अन्य बोरो को प्रारंभ करने के लिए भी किए गए।कुछ बोर किसानों को विश्वास में लेकर अधिग्रहण किए गए, प्रयास सफल हुए। और आज सांडिया के अलावा लगभग एक दर्जन बोर चालू है , परंपरागत रूप से पेयजल वितरण प्रणाली सुचारू रूप से  चल रही है और पानी खरीदी जीरो हो गई है।


इनका कहना


नगर पालिका ने पेयजल परिवहन बंद कर दिया है, इसके बावजूद पेयजल वितरण प्रणाली सुचारू रूप से चल रही है क्रम अनुसार प्रत्येक वार्ड में पेयजल वितरण किया जा रहा है।

नितिन कुमार बिजवे
नगर पालिका अधिकारी मुलताई

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