जगह जगह से टूट रहे हैं शनि सरोवर के घाट, 200 मीटर से अधिक भाग हुआ जर्जर

मुलताई- नगर में स्थित ताप्ती सरोवर, शनि सरोवर  नगर वासियों के आस्था के प्रतीक, जल स्रोतों के आधार और नगर की पहचान है। किंतु इसके बावजूद भी चाहे ताप्ती सरोवर हो या शनि सरोवर अपने अस्तित्व की तलाश करते दिखाई देते हैं।

स्थानीय प्रशासन भी इन सरोवरो को लेकर के गंभीर दिखाई नहीं देते ,नतीजा यह कि शनि सरोवर के दक्षिण भाग के मुख्य घाट जगह-जगह से ढह गए हैं। जानकार बताते हैं कि  अगर वर्षा काल से पूर्व सुधार कार्य नहीं किया गया तो, वर्षा काल में इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। गजानन मंदिर के पास से सनी सरोवर की पुलिया तक अनेकों स्थान पर घाट पूरी तरह से समाप्त हो गए है, बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई है। फरसियां निकलकर फीका गई है। पत्थर पलट गए हैं, यदा-कदा जहां घाट दिखाई भी देते हैं, तो घाट अंदर से पोले हो गए है ,जिसमें बड़ी-बड़ी दरारें देखी जा सकती है।

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शनि सरोवर पर होते हैं अनेक धार्मिक आयोजन

गायत्री परिवार से जुड़े रामदास देशमुख बताते हैं कि शनि सरोवर की उपयोगिता अधिक है । यहां पर महिलाएं कपड़े धोती हैं। तभी सरोवर पर छोटी प्रतिमाओं और भुजरिया विसर्जन पर प्रतिबंध लगे होने के कारण महिला है शनि सरोवर में ही भुजरिया एवं छोटी गणेश प्रतिमाएं विसर्जित करती है ।लोग स्नान करते हैं और घाट की हालत यह है कि, घाट पर खड़े होने से भय लगता है । कहीं घाट ढ़ह ना जाए। अधिकांश स्थान पर घाट पूरी तरह से समाप्त हो गए। जिसे समय रहते सुधारा जाना चाहिए अन्यथा गंभीर हादसा हो सकता है। 

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बड़े केचमेंट एरिया से शनि सरोवर में आता है पानी

इस वर्ष मौसम विभाग ने अच्छी वर्षा का अनुमान  जताया है  यद्यपि यद्यपि शनि सरोवर सुधार कार्य से पूर्व ,अतिवृष्टि हो जाती है तो, नगर को इसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। क्योंकि जानकारों का मानना है कि ,ताप्ती सरोवर एवं शनि सरोवर में, रामनगर, संतरा मंडी, वन विभाग रेस्ट हाउस, पंचायत ट्रेनिंग सेंटर, सप्ताहिक बाजार क्षेत्र के बड़े भाग के कैचमेंट एरिया का पानी ताप्ती सरोवर एवं शनि सरोवर में आता है , जिसमें वर्षा काल में अधिकांश जल की निकासी शनि सरोवर से ही होती, सनी सरोवर( छोटे तालाब) में जल निकासी के लिए वेस्ट वियर के रूप में पुलिया निर्माण की गई है। वर्षा काल प्रारंभ होने के आरंभिक चरण का जल सर्वप्रथम सनी सरोवर में ही जमा किया जाता है इसके उपरांत ताप्ती सरोवर भरने के बाद में  जुलूस गेट के माध्यम से ताप्ती सरोवर का जल भी शनि सरोवर मैं लिया जाता है जो पुलिया से होते हुए आगे गंतव्य की ओर बढ़ता है। नागरिकों ने समय से पूर्व शनि सरोवर के सुधार कार्य की मांग की है।

इनका कहना

हमने ताप्ती सरोवर के सुधार कार्य को लेकर एक कार्य योजना बनाई है। इस कार्य योजना में शनि सरोवर शामिल है अथवा नहीं, इसकी जानकारी राठौर उपयंत्री ही दे सकेंगे।
आर सी गव्हाडे
ए.इ नगर पालिका मुलताई


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