आबादी वाले क्षेत्र में लगे टॉवर हो सकते हैं खतरनाक !

मोबाईल कम्पनिया नही कर रही नियमो का पालन

मोबाइल उपभोक्ताओं पर अधिक से अधिक कब्जा जमाने की होड़ में मोबाइल कंपनियों ने नियमों को ताक पर रखकर
नगर के रहवासी क्षेत्र के मकानों की छतों पर मोबाइल टॉवर तो खड़े कर दिए किंतु सुरक्षा  नियमों का पालन हो रहा है अथवा नहीं यह जानने की आवश्यकता ना तो टावर कंपनियों को है और ना ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को इन मोबाइल टावरों से कितनी रेडियेशन निकलना चाहिए कितनी निकल रही है इसका टावर संपर्क में रह रहे परिवारों के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव हो रहा है यह जानने की शुध किसी ने नहीं ली जानकार बताते हैं कि जिन भवनों पर यह टावर लगाए गए हैं उन भवनों आसपास घनी आबादी है वही अनेक टावर स्कूलों के पास भी खड़े कर दिए गए हैं मध्य प्रदेश राजपत्र  के अनुसार जहां  टावर वाले स्थान पर  पर्याप्त  फायर  साधन  उपलब्ध होना चाहिए  वही नगर में  लगे टॉवरों में  यह व्यवस्था दिखाई नहीं देती  और ना ही  किसी टावर  पर  आवश्यक जानकारी संबंधित  कोई बोर्ड लगा है  जो कि अनिवार्य है

नागरिक बताते हैं कि इन टॉवरों से निकलने वाली  रेडिएशन से नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है नगर के मध्य लगे निजी कंपनियों के टावर की आवासीय मकानों से दूरी बहुत ही कम है जिसके कारण दर्जनों परिवारों को इन टॉवरों से निकलने वाली हानिकारक रेडिएशन वेब के निरंतर संपर्क में रहना पड़ रहा है 

जानकार यह भी कहते हैं कि भवनो पर लगे  टॉवरों से निकलने वाली इलेक्ट्रो मेग्नेटिक वेब तय मानक से बहुत अधिक  है जिसका सीधा प्रभाव इस क्षेत्र के रहवासियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोग बताते हैं कि नगर में माइग्रेन, सिर दर्द, अनिंद्रा, त्वचा संबंधी रोग के मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है जो कि टावर रेडिएशन के दुष्प्रभाव हो सकते हैं   पार्षद हनी सरदार बताते हैं कि उनके मकान के पास ही निजी कंपनी का मोबाइल टावर लगा हुआ है जिसके कारण उनके उनके परिवार के स्वास्थ्य पर इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है 
शासन ने मोबाइल टावर का रेडिएशन का आदर्श मान 0.1 मिलीवाट प्रति वर्ग मीटर माना है किंतु नगर में जिस प्रकार के रेडिएशन दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं उससे यह तय है कि निजी कंपनियों के टॉवरों का रेडिएशन मान कहीं अधिक है जिसका प्रभाव मनुष्य सहित पशु पक्षियों पर भी दिखाई देने लगा है

नगर पालिका ने दी  12 टावरो की अनुमति
मुलताई नगर पालिका ने नगर में 12 निजी मोबाइल कंपनियों को टावर लगाने की अनुमति प्रदान कि है किंतु निजी कंपनियों द्वारा नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं नगरपालिका ने यह देखना कभी आवश्यक नहीं समझा जबकि टॉवरों से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन मानव शरीर के लिये कितनी खतरनाक होती है इसका अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि डब्ल्यूएचओ ने इसे 2(बी) कैटेगरी में रखा है इसमें उन चीजों को रखा जाता है जो कैंसर का कारण बनती है
दशक्रिया पर कौवों को खोजना हुआ कठिन
रेडिएशन की समस्या से आम व्यक्ति के साथ ही पशु- पक्षियों पर भी लुप्त होने का खतरा मंडराने लगा है मनुष्य के साथ अपना जीवन चक्र पूर्ण करने वाली गौरैया चिडय़िा को जहां खोजना कठिन हो गया है वही कौवों की संख्या भी निरंतर घटती जा रही है पंडित गणेश  त्रिवेदी  बताते हैं कि  धार्मिक अनुष्ठान 10 क्रियाओं में आत्मा रूपी कौवों को भोग लगाया जाता है पहले जहां ताप्ती तट पर बड़ी संख्या में कव्वे उपलब्ध होते थे अब  धार्मिक अनुष्ठान को पूरा करने के लिए घंटो इंतजार करना पड़ता है किंतु इसके बावजूद भी कव्वे  दिखाई नहीं देते
मुलताई नगर  घनी आबादी वाला क्षेत्र है और जहां यह टावर लगाए गए हैं उसके बिस मीटर के दायरे में  दर्जनों परिवार निवास करते हैं जबकि टॉवरों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए टावर से निवास की दूरी 400 मीटर होनी चाहिए
किंतु मोबाइल कंपनी एवं प्रशासन ने यह देखना आवश्यक नहीं समझा कि इसमें नियमों का पालन हो रहा है या नहीं और नगर के भवनों पर लगे इन टॉवरों को स्वीकृति देते समय यह भी नहीं देखा गया की सुरक्षा की दृष्टि से भवन या मोबाइल टावर सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते भी है या नहीं जिसके चलते कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है रिहायशी क्षेत्र में दर्जनों संख्या में लगे यह टावर जहां लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते प्रतीत होते हैं वही जिन भवनों पर  इन्हें खड़ा किया गया है उनकी स्वयं की हालत खराब है जबकि जिस भवन पर यह टावर लगाया जाना है उसका चयन  भवन की मजबूती, ऊंचाई एवं अन्य मानकों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहीए
यहां उल्लेखनीय है बीते कुछ वर्षों से क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने से निरंतर आंधियां चलती रहती है जिससे प्रतिवर्ष अनेक भवनों को नुकसान उठाना पड़ता है इस दशा में भवनों पर लगे  यह टावर आम व्यक्ति को डराते  हैं


इनका कहना
“नगर में स्क्रीन संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ रही है”
डॉ अशोक भार्गव एम बीबीएस


“मुलताई में कोई रेडिएशन मापक यंत्र नहीं है इसलिए प्राइवेट कंपनियों के टावर के संबंध में कुछ नहीं कहा जा सकता”
पंकज कालभोर एसडीओ बी एस एन एल मुलताई


“टावर से निकलने वाली रेडिएशन नापने का कोई साधन हमारे पास नहीं है अन्य नियमों की अनदेखी की शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी”
आर.सी. गवहाडे ए.ई नगर पालिका मुलताई

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