पांडुरना से अजय टावरे की रिपोर्ट

पांढुरना- पोला पर्व के दूसरे दिन पांढुर्ना में  प्रतिवर्ष होने वाली गोटमार को प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक के बाद स्थगित कर दिया गया था, और कोरोना के चलते गोटमार ना हो सके इसके लिए कोरना के चलते मेले के दिन जनता कर्फ्यू लगा दिया गया था  किंतु जनता कर्फ्यू के बावजूद  गोटमार खेली गई  और सैकड़ों लोग  पत्थरों से घायल हुए, अनेकों बार गोटमार में शामिल लोग और पुलिस के बीच भी तनाव हुआ। लगाए जाने का प्रशासन का फैसला आज सही साबित नहीं हुआ। यह मेला हर साल की भांति खिलाडियों ने पूरे जोशो-खरोश के साथ मनाया। गोटमार मेले दौरान खिलाडियों और पुलिस में 1-2 बार

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आमना-सामना भी हुआ। गुजरी चैक परिसर में आवेशित गोटमार खिलाडियों ने भारी पथराव कर दंगारोधी वाहन वज्र को क्षति पहुंचायी। गुजरी चैक स्थित सार्वजनिक वाचनालय और गुजरी के सामुदायिक भवन में ड्यूटी कर रहे पुलिस दल को पथराव के चलते अपने स्थान से हटकर अन्यत्र जाना पडा। आज प्रशासन द्वारा घायलों के चिकित्सा हेतु प्रतिवर्ष की भांति उपचार शिविर की व्यवस्था नहीं बनायी गई थी इसलिए घायलों की वास्तविक संख्या का पता नहीं चला। लेकिन इतना तय है आज शाम साढे छह पलाश पेड रूपी झंडा चंडी माता मंदिर में ले जाए जाने तक 250-300 खिलाडी घायल हुए है। 5-7 खिलाडियों को गंभीर चोटों के कारण नागपुर, वरूड और छिंदवाडा रिफर किया गया है। स्थानीय अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के लगभग 50 खिलाडी घायल है।  

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पुलिया के बीच झंडा

इस बरस सावरगांव पक्ष ने सुरेश कावले के घर रखा झंडा पूजा उपरांत सुबह 8 बजे जाम नदी पर स्थित पुलिया के बीच में रेलिंग से बांध दिया था। इसके बाद छिटपुट गोटमार चालू हो गई थी। दोपहर 12 बजे के बाद गोटमार ने उग्र रूप धर लिया। नगर के पांढुरना और सावरगांव पक्ष के सैकडों लोग दोनों ओर से घनघोर पथराव कर रहे थे।    
गुजरीबाजार में तकरार:- दोपहर में सावरगांव पक्ष के खिलाडी गुजरीचैक तक आ गए थे। इस दौरान वहां खडे दंगारोधी वाहन वज्र को हटाते समय एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद गोटमार खिलाडी आवेश में आ गए। खिलाडियों ने गुजरी बाजार चैक में स्थित सार्वजनिक वाचनालय के पुलिस कैम्प पर पथराव कर उन्हें भागने पर मजबूर किया। इसके बाद परिसर से लौटने के प्रयास में लगे वज्र वाहन पर खूब पत्थरबजी की। यहां के सामुदायिक भवन के पुलिस बल को भी गोटमार के खिलाडियों के दबाव में अपने स्थान से हटना पडा।   

सैकडों हुए घायल

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आज लगभग 12 बजे से चालू हुई पत्थरबाजी में दोनों ओर के लगभग 250-300 खिलाडी घायल हुए है। घायलों ने नगर के कुछ प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराया तो कुछ गंभीर घायलों को नागपुर और वरूड रिफर किया गया है। घायल खिलाडी शासकीय अस्पताल में उपचार लेने से कतराते देखे गए क्योंकि जिला प्रशासन ने गोटमार स्थगित कर दी थी। खिलाडियों को डर है कि कहीं इनके विरूद्ध प्रशासन मामला पंजीबद्ध ना कर दे। 
सहमति से लाया झंडा:- गोटमार आज देर शाम 6 बजे तक जारी रही। इसके बाद पांढुरना और सावरगांव दोनों पक्षों की सहमति से पुलिया पर लगाया गया पलाश पेड रूपी झंडा रैली के रूप में चंडीमाता मंदिर में लाया गया। इसके बाद चंडीमाता मंदिर में गोटमार मेले में आस्था और श्रद्धा रखने वाले भक्तजनों ने पूजा की और प्रसाद के रूप में पेड की पत्तियां और छाल अपने घर ले गए।


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